-50 हजार रुपये का लगाया जुर्माना, 90 फीसदी रकम पीड़िता को देने का आदेश
-दो नाबालिगों की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड में लंबित, भूरा की नौ अक्तोबर को हो गई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश सौरभ सक्सेना ने सामूहिक दुष्कर्म के दस वर्ष पुराने मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई है। उन्होंने आरोपियों पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की 90 फीसदी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
जरीफनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने 12 सितंबर 2014 की रात को तहरीर देकर गांव के ही चार लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि गांव निवासी भूरा, दन्नू, अमित और मुख्त्यार उसकी नाबालिग बेटी को उठाकर ले गए और मुंह में कपड़ा ठूंसकर सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। मुकदमे के दौरान 9 अक्तोबर 2023 को भूरा की मौत हो गई थी। वहीं अमित और दन्नू को नाबालिग पाते हुए पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड में भेज दी गई। शनिवार को न्यायाधीश ने अभियोजक प्रदीप भारती व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद मुख्त्यार को 20 साल कैद की सजा सुनाई।