बदायूं। पचास साल पुराने 1200 रुपये गबन के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ऋचा शर्मा के न्यायालय ने आरोपी को दोष मुक्त किया है। पहले यह मामला बरेली कोर्ट में चला जब बदायूं में कोर्ट स्थापित होने पर स्थानांतरित कर दिया गया था।
बिसौली थाना क्षेत्र के गांव चंदपुरा निवासी पोशली लाल शर्मा बिसौली पूर्वी सहकारी समिति पर प्राइवेट तौर पर कैशियर का काम करते थे। उनकी वहां कोई तैनाती नहीं थी। 22 जून 1973 को 1200 रुपये बैंक में जमा करने का मामला सामने आया था। इस मामले में एडीसीओ जाहिद अली ने जांच की। जांच में उन्होंने 1200 रुपये गबन का आरोप लगाते हुए थाना बिसौली में 20 मई 1974 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना करते हुए आरोप पत्र भी कोर्ट में दाखिल कर दिया था। इसके बाद मामला बरेली कोर्ट में चला।
पोशाली लाल शर्मा अपनी बेगुनाही को साबित करने के लिए हर तारीख पर बरेली जाते थे। कई सालों के बाद मामला बदायूं कोर्ट में स्थानांतरित हुआ। इसके बाद उन्होंने बदायूं कोर्ट में सभी गवाहों को पेश किया। गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद मामला चलता रहा। शनिवार को कोर्ट ने आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें दोष मुक्त कर दिया।
32 साल की उम्र में रिपोर्ट, 82 साल पर दोष मुक्त
बुढ़ापे में भी पोशकी लाल शर्मा ने हिम्मत नहीं हारी। उनका कहना है कि वह निर्दोष थे। उस समय जो कैशियर थे उनके एवज में वह काम करते थे। आपसी मनमुटाव के चलते रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन झूठे मुकदमे में इतना समय निर्दोष साबित होने में लगेगा इसका उनको अंदाजा भी नहीं था। शनिवार को न्यायाधीश ने निर्दोष सिद्ध कर अपनी कर्मनिष्ठा का परिचय दिया है।