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Budaun News: गलत कामों से करो तौबा, मिलेगा योजनाओं का लाभ

Sun, 04 Feb 2024 03:42 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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धनूपुरा गांव में छात्र-छात्राओं से संवाद करते डीएम व एसएसपी। सूचना विभाग
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कादरचौक। कच्ची शराब के कारोबार के लिए बदनाम रहे धनूपुरा गांव में एक बार फिर इस धंधे और नशा से दूर रहने के लिए भुवाल माता मंदिर पर हवन-पूजन किया गया। ग्रामीणों के साथ डीएम मनोज कुमार और एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने ग्रामीणों को अवैध कार्यों से दूर रहने की शपथ दिलाई। कहा कि गलत कामों से तौबा करें तो सरकारी योजनाओं का भी लाभ मिलेगा।
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शनिवार को गांव पहुंचे डीएम मनोज कुमार ने कहा कि ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का लाभ ब्लाॅक स्तर पर जो भी संभव हो वह दिलाया जाएगा। पेंशन योजना से वंचित लोगों को पेंशन लाभ दिलाने के लिए बीडीओ को निर्देशित किया गया। मुहम्मदगंज स्कूल के छात्र-छात्राओं ने गांव पहुंच कर डीएम और एसएसपी को पुष्प भेंट किए।
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए डीएम ने शिक्षा का महत्व समझाया। इस दौरान नायब तहसीलदार अजीत कुमार यादव, सीओ उझानी शक्ति सिंह, खंड विकास अधिकारी सर्वज्ञ अग्रवाल, आबकारी इंस्पेक्टर रोहित शर्मा, प्रकाश सिंह चमन सिंह प्रभारी एसओ वारिस खान, पूर्व प्रधान रामपाल, दिवाकर शर्मा आदि मौजूद रहे।
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तीन साल पहले हुई पहल तब भी खाई थी कसम
तीन वर्ष पहले ग्रामीणों को चोरी और शराब के अवैध धंधे से दूर करने के लिए तत्कालीन सीओ अनिरुद्ध सिंह ने पहल की थी। तब गांंव में कच्ची शराब की सैकड़ों भट्ठियां चलती थीं। तब यह अवैध धंधा पूर्ण रूप से बंद हो गया था, लेकिन अनदेखी के चलते गांव में फिर से 20 से 25 भट्ठियां धधकने लगीं।


दूसरे राज्यों में चोरी, कच्ची शराब बनाना ही धंधा
गांव के लोग मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं। वर्षों पहले इन्होंने यहां आकर डेरा डाला था। अब यहां आलीशान मकान भी बना लिए हैं। पिछले माह ही यहां के 20 लोग बिहार, बंगाल, तेलंगाना की जेलों में चोरी के आरोप में बंद हुए हैं। कुछ की तलाश पुलिस कर रही है। इन लोगों का मुख्य काम चोरी और कच्ची शराब बनाना ही है।

चौकी बनी पर स्टाफ नहीं
गांव को मुख्य धारा में लाने और उनकी निगरानी के लिए गांव में पुलिस चौकी बनवाई गई थी, लेकिन अब तक यहां पुलिस की तैनाती नहीं हो सकी है। यही कारण है कि गांव के लोग फिर से अवैध धंधे में उतर गए।

धनूपुरा गांव में छात्र-छात्राओं से संवाद करते डीएम व एसएसपी। सूचना विभाग

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