बिनावर (बदायूं)। थाना क्षेत्र के ग्राम दियोरीजीत में शुक्रवार दोपहर दो मासूम बहनों के ऊपर कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई। मलबे में दबकर स्वाति की मौत हो गई, जबकि उसकी छोटी बहन नन्ही उर्फ रावी घायल हो गई। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बालिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ग्राम दियोरीजीत निवासी अरविंद कुमार खेतीबाड़ी करते हैं। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और दो बेटियां हैं। बड़ा बेटा दीपेश (9) शुक्रवार अपराह्न एक बजे घर के नजदीक खेल रहा था। उससे छोटी स्वाति (6) और सबसे छोटी नन्ही उर्फ रावी (3) घर के सामने गली में कमंडल लेकर सरकारी नल पर पानी भरने गईं थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों बहनों ने सरकारी नल चलाकर अपना कमंडल भर लिया था। वह घर लौटने ही वाली थीं कि तभी उनके पड़ोसी मोहम्मद नसीम पुत्र अमीनउद्दीन के घर की पिछली दीवार गली में भरभराकर गिर गई, जिससे सरकारी नल और दोनों बहनें दब गईं।
परिवार वालों का कहना है कि कच्ची दीवार काफी मोटी थी। वह काफी पुरानी हो चुकी थी और कुछ गली की ओर झुक भी गई थी। मोहल्ले वाले कई बार दीवार गिराने को कह चुके थे, लेकिन मकान मालिक ने अपनी मजबूरी बताकर दीवार नहीं गिरवाई। नतीजा यह रहा कि वह शुक्रवार दोपहर गली में ढह गई।
यह देखकर अरविंद के परिवार वाले और मोहल्ले के कई लोग दौड़कर आ गए। उन्होंने तुरंत ही मलबा हटाना शुरू कर दिया। कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाया गया, लेकिन तब तक स्वाति की मौत हो चुकी थी, जबकि नन्ही उर्फ रावी के ऊपर मलबा कम गिरा था। वह घायल हो गई। परिवार वाले उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। मामले की छानबीन करने के बाद बालिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
गली में और लोग होते तो वह भी दब जाते
शुक्रवार दोपहर हादसे के दौरान अगर गली में और लोग मौजूद होते ताे शायद वह भी दब जाते। नसीम के घर की पिछली दीवार काफी मोटी थी। उसके मलबे से ही पूरी गली पट गई। लोगों को निकलने तक की जगह नहीं बची। हादसे के बाद लोगों को मलबे के ऊपर से गुजरना पड़ा।
घटना स्थल जांच करती पुलिस। संवाद
घटना स्थल जांच करती पुलिस। संवाद