बदायूं। स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष कालीचरण ने चार साल पहले दायर याचिका में फैसला सुनाते हुए महिला को 10 लाख रुपये सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देने का आदेश मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को दिया है। साथ ही कहा है कि पूरी धनराशि एक माह में देना सुनिश्चित करें।
दातागंज के गांव साबितगंज निवासी पूजा ने न्यायालय में याचिका दायर करते हुए बताया कि 19 जुलाई 2014 को वह अपने पिता को खाना देने खेत पर जा रही थीं। रास्ते में विद्युत विभाग द्वारा संचालित हाईटेंशन बिजली लाइन के तार लटक रहे थे।
इन्हीं तारों की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गई। उसका दाहिना हाथ पूरी तरह खराब हो गया, जिसे डॉक्टर ने इलाज के दौरान काट दिया। बाया पैर भी जल गया। वह 80 फीसदी विकलांग हो गई। पूजा ने बताया कि विभाग की लापरवाही से उसके साथ हादसा हुआ जिसके लिए उसने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम बरेली में याचिका दायर की।
इसमें साल 2016 में दस लाख रुपये आठ प्रतिशत ब्याज की दर से देने का आदेश पारित हुआ। वितरण निगम ने इसके खिलाफ लखनऊ में अपील दायर कर आदेश को साल 2018 में पलटवा दिया। लखनऊ के न्यायालय ने यह आदेश दिया कि पूजा अपनी याचिका सक्षम न्यायालय में नए तरीके से दायर कर सकती हैं। तब उसने स्थाई लोक अदालत में साल 2020 में याचिका 18 लाख रुपये दिलाए जाने को दायर की।
शुक्रवार को स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष कालीचरण व सदस्य राकेश कुमार रस्तोगी तथा स्वदेश कुमारी ने पूजा के अधिवक्ता तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद विद्युत वितरण निगम को पूजा को दस लाख रुपसे सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से देने का आदेश दिया।