बदायूं। उसहैत थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा जलालपुर में डेंगू संदिग्ध से 13 साल की बच्ची की मौत हो गई। जांच में उसकी प्लेटलेट्स बहुत कम मिली थीं। गांव में 60 लोग ऐसे हैं जो बुखार से तप रहे हैं। किशोरी की मौत के बाद से लोगों में डेंगू का खौफ है। गांव में गंदगी और जलभराव ने लोगों को बीमार कर दिया है। गांव में स्वास्थ्य केंद्र न होने से लोग झोलाछापों से इलाज कराने को मजबूर हैं।
पिता रामसेवक ने बताया कि बेटी लक्ष्मी (13) को सात दिन से बुखार आ रहा था। वह खेती करते हैं, उनकी पांच बेटियों में लक्ष्मी दूसरे नंबर की थी। एक बेटा है। जांच कराई तो डॉक्टर ने डेंगू की पुष्टि की। इलाज कटरा और उसहैत में झोलाछाप के यहां चल रहा था। बुधवार रात हालत अधिक खराब हुई तो उसको बदायूं ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
पिछले साल गांव में करीब 70 लोगों की मौत संक्रमण से हुई थी। गांव में करीब 50-60 लोग बुखार से तप रहे हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई भी डॉक्टर गांव में नहीं पहुंचा है। वहीं गांव में गंदगी के ढेर लगे हैं। महीनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। साथ ही टूटी सड़कों पर गंदगी फैली हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो अब तक डेंगू का वायरस सक्रिय नहीं है। प्लेटलेट्स कम होने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। वायरल में अक्सर प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। सही इलाज न मिलने पर मौत का कारण बन जाता है।
ग्रामीण बोले, जलभराव से फैल रहा संक्रमण
गांव में हर घर में एक बुखार से पीड़ित मिल जाएगा। गांव में साफ-सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मुख्य रास्ते पर जलभराव होने से लोगों को दिक्कत हो रही है। इसी जलभराव से संक्रमण फैल रहा है। अगर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो पिछले साल से भी अधिक लोग चपेट में आ सकते हैं। -रामकिशोर, खेड़ा जलालपुर
डेंगू से हुई लक्ष्मी की मौत, मेरी बेटी का भी चल रहा इलाज
गांव में बुखार का प्रकोप है। लक्ष्मी को डॉक्टर ने डेंगू बताया था। मेरी बेटी भी बुखार में है। उसका इलाज चल रहा है। प्लेटलेट्स कम हो रहीं हैं। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं आई है। गांव के करीब 50 से अधिक लोग झोलाछाप के यहां इलाज कराने को मजबूर हैं। -बलवीर, खेड़ा जलालपुर
मामला संज्ञान में आया है। शुक्रवार सुबह ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में भेजा जाएगा। पूरे मामले की जांच कराई जाएगा। वहीं बीमार लोगों को उपचार दिया जाएगा। मौत का कारण पता किया जाएगा। घबराए नहीं। बस, साफ-सफाई का ध्यान रखें। -रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ बदायूं
स्वास्थ्य शिविर में 1258 मरीजों को दी दवा, 334 बुखार से तपते मिले लोग
बदायूं। संक्रमण की चपेट में आए लोगों का इलाज करने घर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को 334 लोग बुखार से तपते मिले। टीम ने बृहस्पतिवार को 22 गांव में शिविर लगाए गए। 1258 बुखार पीड़ितों की जांच कर दवा दी। 334 लोग तेज बुखार से पीड़ित मिले। 369 बुखार पीड़ित मरीजों की मलेरिया की जांच की गई, जिसमें 11 मलेरिया संक्रमित मिले। दो मलेरिया पीएफ के मरीज सामने आए। टीम ने 3340 क्लोरोक्वीन की टेबलेट बांटीं। 669 लोगों को ओआरएस के पैकेट दिए गए। संवाद
सीएमओ ने मलेरिया अधिकारी के साथ गांवों का किया निरीक्षण
बदायूं। मुख्य चिकित्साधिकारी रामेश्वर मिश्रा ने जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत के साथ दातागंज के गांव अंधरऊ में मलेरिया धनात्मक केस एवं एंटी लार्वा स्प्रे का स्थलीय निरीक्षण किया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण कर गांव के लोगों को मच्छर जनित बीमारियों से बचने की जानकारी प्रदान की। देर शाम मलेरिया विभाग ने लालपुल इलाके में फॉगिंग कराई। संवाद
गांव खेड़ा जलालपुर में हो रहा जलभराव। संवाद
गांव खेड़ा जलालपुर में हो रहा जलभराव। संवाद
गांव खेड़ा जलालपुर में हो रहा जलभराव। संवाद
गांव खेड़ा जलालपुर में हो रहा जलभराव। संवाद
गांव खेड़ा जलालपुर में हो रहा जलभराव। संवाद
गांव खेड़ा जलालपुर में हो रहा जलभराव। संवाद
गांव खेड़ा जलालपुर में हो रहा जलभराव। संवाद