बदायूं। परिवहन निगम की ओर से करीब 60 चालकों को प्रशिक्षण के लिए कानपुर भेजा गया है। चालकों का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। चालकों की संख्या देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर 40 चालक ही पास हो गए तो अधिकतर रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। इससे काफी हद तक परिवहन व्यवस्था में सुधार आएगा।
परिवहन निगम में पिछले करीब छह माह से 70 चालकों की जरूरत है। इससे करीब 30-40 बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। पिछले दिनों लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश और मंडल स्तरीय अधिकारियों ने जिला मुख्यालय पर आकर समीक्षा की थी। तब यह सामने आया था कि चालकों की कमी के चलते करीब 30-40 बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। इससे निगम की आमदनी भी घट रही है। परिवहन निगम में चालकों की कमी की वजह से डग्गामार वाहन फायदा उठा रहे हैं। इस लापरवाही में एआरएम धणेंद्र कुमार चौबे को भी निलंबित कर दिया गया था। उनके स्थान पर राजेश पाठक को भेजा गया है।
परिवहन निगम के अनुसार पिछले एक माह से लगातार चालकों की भर्ती चल रही है। इस दौरान करीब 60 चालकों के आवेदन आए और सभी को प्रशिक्षण के लिए कानपुर भेज दिया गया। फिलहाल उनका प्रशिक्षण शुरू हो गया है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद निगम को चालक मिल पाएंगे। उनमें से भी कितने पास होंगे और कितने फेल होंगे। उसके बाद ही चालकों की सटीक संख्या निकलकर सामने आएगी। इससे यह तो अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद बसों का संचालन हो पाएगा।
- करीब 60 चालकों को कानपुर प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। उनका प्रशिक्षण पूरा होने के बाद निगम में चालकों की कमी नहीं रहेगी। फिर आराम से सभी बसों का संचालन होगा। दूसरे चालकों को अवकाश भी मिल सकेगा।- राजेश पाठक, एआरएम