उझानी। मोबाइल फोन के जरिये ऑनलाइन ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। ऐसा ही एक और मामला शुक्रवार दोपहर कोतवाली में दर्ज किया गया। अयोध्यागंज मोहल्ला निवासी बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा के पास कॉल आई, जिसमें उसका चयन निजी कंपनी में होने की बात कही गई। फिर लैपटॉप के नाम पर 50 हजार रुपये जमा करने को कहा गया। उससे तीन बार में करीब 50 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
अयोध्यागंज मोहल्ला निवासी असगर की बेटी खुशी के मोबाइल फोन पर कॉल बृहस्पतिवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे आई। कॉल करने वाले ने खुद को निजी कंपनी का अफसर बताकर खुशी से कहा कि नौकरी के लिए उसका चयन कर लिया गया है। रजिस्ट्रेशन की औपचारिकता पूरी करने और लैपटॉप के लिए उसे 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने होंगे।
इसके बाद खुशी ने तीन बार में 49 हजार 463 रुपये उसके बताए नंबर पर ट्रांसफर कर दिए। कंपनी की ओर से उसके पास कोई और मैसेज नहीं आया तो खुशी को ठगी का अहसास हुआ। उसने संबंधित फोन नंबर पर कॉल भी की, लेकिन रिसीव नहीं हुई। छात्रा ने पिता समेत परिजनों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। बाद में असगर, बेटी के साथ कोतवाली पहुंचे। छात्रा खुशी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर भी दी गई है। इधर, प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। फिर भी वह हकीकत का पता करेंगे। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केस नंबर- 01
पशुधन प्रसार अधिकारी से ठगी में रिपोर्ट तक हुई कार्रवाई
अयोध्यागंज मोहल्ला निवासी पशुधन प्रसार अधिकारी योगेश कुमार सिंह के मोबाइल फोन पर 15 फरवरी को किसी ने खुद को सीबीआई का अफसर बनकर कॉल की। उनके बेटे को सीबीआई की गिरफ्त में बताकर पांच लाख रुपये की मांग की गई। योगेश झांसे में आ गए और दो बार में 98 हजार रुपये फर्जी अफसर के खाते में ट्रांसफर कर दिए। रुपये ट्रांसफर करने के बाद उन्होंने बेटे को कॉल को तो वह बिल्सी में निकले। पुलिस ने योगेश की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी, लेकिन आरोपी अब तक पकड़ में नहीं आया है। इसे लेकर पशुधन प्रसार अधिकारी कोतवाली पुलिस से मिलकर कार्रवाई पर जोर दे चुके हैं।
केस नंबर- 02
सर्राफ से ठगी में जोर पड़ा तो हत्थे चढ़ा ठग संकेत यादव
शॉपिंग कॉम्पलेक्स मार्केट में सर्राफा कारोबारी आलोक अग्रवाल से 28 फरवरी को 26 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई। उन्हें कॉल करने वाले ठग ने महिला की आवाज में खुद को मध्यप्रदेश में ग्वालियर की एसीपी बताया था। आभूषण से जुड़ी शिकायत बताकर उसे निपटाने के नाम पर रुपये ट्रांसफर कराए गए। पुलिस ने शुरू में केस को हल्के में लिया तो सर्राफा कारोबारी सड़क पर आ गए। इसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसके बाद पुलिस की टीम ने राजस्थान के जबलपुर में दबिश देकर ठग संकेत यादव पुत्र उमाशंकर को दबोच लिया। उसने पुलिस को बताया था कि ठगी के दौरान वह महिला की आवाज में बात करता था।