फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए चौकी इंचार्ज के कमरे में मिले थे 32 हजार रुपये

Thu, 01 Feb 2024 04:23 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

सोमवार को एंटी करप्शन टीम ने चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। एंटी करप्शन टीम ने चौकी इंचार्ज के कमरे की तलाशी भी ली थी। एंटी करप्शन टीम ने दर्ज कराए गए मामले में 32 हजार रुपये मिलने का भी जिक्र किया है। 
 
विज्ञापन
आरोपी चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र की दहगवां चौकी पर रिश्वतखोरी का खुला खेल चल रहा था। रुपये लेकर आरोपियों के नाम मुकदमों से निकाले जा रहे थे लेकिन जिले के पुलिस अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामला तब खुला, जब एंटी करप्शन टीम ने चौकी इंचार्ज को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जब उसके कमरे में बैग की तलाशी ली गई तो उसमें 32 हजार रुपये और बरामद हुए। माना जा रहा है कि वो भी किसी से रिश्वत लेकर जमा किए गए थे।

विज्ञापन


एसआई देवेंद्र सिंह करीब चार माह पहले चौकी इंचार्ज बना था। उसके बाद से आपराधिक मामलों में जोड़तोड़ शुरू कर दी थी। कुछ स्थानीय लोगों का यह तक कहना है कि कोई मामला सामने आने पर पहले चौकी इंचार्ज एफआईआर दर्ज कराता था। उसके बाद विवेचना में खेल शुरू कर देता था। 

'पापा मुझे बचा लो': रात में किया कॉल, सुबह पेड़ पर लटका मिला युवक का निर्वस्त्र शव; पीसीएस की कर रहा था तैयारी
विज्ञापन


उसके लिए आपराधिक मामलों में आरोपियों के नाम निकालना कोई बड़ी बात नहीं थी लेकिन हैरानी इस बात की है कि एफआईआर में कितने आरोपियों के नाम शामिल किए गए और कितने आरोपियों के नाम निकाल दिए गए, उन्हें किस साक्ष्य आधार पर निकाला गया। कभी इसकी जांच नहीं हुई। अगर पहले इस बात की छानबीन हो जाती तो शायद चौकी इंचार्ज पहले पकड़ा जाता और लोगों को शिकायत करने का मौका नहीं मिलता।

विज्ञापन

रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा था 
जब सोमवार को एंटी करप्शन टीम ने देवेंद्र सिंह को रंगे हाथ पकड़ा था, तब उसके कमरे में रखे बैग से 32 हजार रुपये और मिले थे। एंटी करप्शन टीम ने चौकी इंचार्ज के कमरे की तलाशी भी ली थी। एंटी करप्शन टीम ने दर्ज कराए गए मामले में 32 हजार रुपये मिलने का भी जिक्र किया है। 

एफआईआर में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि चौकी इंचार्ज ने 50 हजार रुपये मांगे थे, जिसमें से प्रेमपाल 20 हजार रुपये इंस्पेक्टर राकेश सिंह को दे चुका था। वह चौकी इंचार्ज को रुपये देना नहीं चाह रहा था लेकिन उसके लगातार दबाव बनाने पर एंटी करप्शन टीम को सूचना दी गई थी। इस संबंध में सीओ सहसवान कर्मवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही वह इसकी रिपोर्ट पेश करेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें