बदायूं। डेंगू का वायरस अब तक जिले के 29 गांवों तक फैल चुका है। डेंगू जानलेवा हो रहा है। जांच के बाद कुछ मौतों की बात स्वास्थ्य विभाग भी स्वीकार कर रहा है। जिले के संवेदनशील हो चुके 29 गांवों में निगरानी, स्वास्थ्य कैंप और दवाओं के छिड़काव के साथ जागरूकता कार्यक्रमों के लिए स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग ने अतिरिक्त टीमों को लगाया है। सोमवार रात आई रिपोर्ट में जिले में डेंगू के एक दिन में 28 मरीज मिले हैं। मलेरिया के भी पांच मरीज निकले हैं।
स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग ने सोमवार को जिले में 506 लोगों की एलाइजा जांच कराई। इनमें 28 लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई है। सोमवार को नौ स्थानों पर स्वास्थ्य कैंप लगाए गए। इस दौरान चार सौ से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद दवाओं का वितरण किया गया। 275 घरों में लार्वा तलाश किया गया। 34 स्थानों पर लार्वा पाया गया। 112 गांवों में मच्छर और लार्वा नाशक दवाओं का छिड़काव कराया गया। सोमवार को डेंगू के 28 नए मरीज मिलने के बाद जिले में डेंगू के सक्रिय मरीजों की संख्या 112 हो गई है। कई गांवों में वायरल बुखार का व्यापक प्रकोप भी बना हुआ है। दो मौतों के बाद सोमवार को भी जगत ब्लॉक के गांव लखनपुर में स्वास्थ्य कैंप लगाया गया।
लखनपुर में काफी संख्या में लोग बुखार की चपेट में हैं। बुखार से गांव की सुषमा, सचिन, मिन्की, नन्ही देवी, हरनीश की हालत बिगड़ने के बाद परिवार वालों ने इनको निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। डेंगू का सबसे ज्यादा प्रकोप उझानी के गांव ननाखेड़ा, बिल्सी के गुधनी और जगत के लखनपुर में है। यहां लगातार दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है।
मच्छरजनित बीमारियों के प्रति जागरूकता भी
मलेरिया विभाग की ओर से सोमवार को 161 गांवों में दवाओं का छिड़काव करने के साथ ग्रामीणों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव और इलाज के प्रति जागरूक भी किया गया। ग्रामीणों को पंफलेट और पोस्टर का वितरण किया गया। आसफपुर के गांव बसोमी में विशेष अभियान चलाया गया। यहां हाल ही में बच्ची जापानी बुखार की चपेट में आ गई थी। ननाखेड़ा, गुधनी और लखनपुर में भी अभियान चलाया गया। दातागंज के बाढ़ प्रभावित गांवों में भी दवाओं के छिड़काव के साथ फॉगिंग कराई गई।
सोमवार को 506 लोगों की एलाइजा जांच कराई गई। इनमें 28 डेंगू के मरीज मिले हैं। इन दिनों डेंगू का सीजन है। लोगों को मच्छरजनित बीमारियों के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत है। जिले भर में लगातार स्वास्थ्य कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। डेंगू की रोकथाम के सभी उपाय किए जा रहेे हैं। -डॉ. तहसीन, एडीएमओ/नोडल अधिकारी संक्रामक रोग सेल