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Budaun News: गोआश्रय स्थलों में 23 हजार बंद... सड़कों पर घूम रहे 10 हजार से ज्यादा छुट्टा पशु

Wed, 23 Oct 2024 03:08 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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बदायूं। जिले में सड़कों से लेकर खेताें तक छुट्टा पशु दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि 23 हजार गोवंश गोआश्रय स्थलों में बंद हैं। बावजूद इसके लोगों को छुट्टा पशुओं से निजात नहीं मिल पा रही है। पशु पालन का विभाग का अनुमान है कि दस हजार से ज्यादा छुट्टा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। वहीं, इस समस्या के समाधान के लिए सांड़ों के बधियाकरण पर जोर दिया रहा है। इस महीने पशु पालन विभाग अब तक 30 सांड़ों का बधियाकरण करा चुका है।
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हाल ही में प्रशासन ने छुट्टा पशुओं को पकड़वाने का अभियान चलवाया था। एक से 30 सितंबर तक चले अभियान में 1100 छुट्टा पशु पकड़े गए। जिन्हें गोआश्रय स्थलों में रखा गया। अधिकारियों का कहना है कि 312 गोआश्रय स्थल में 23,458 गोवंश बंद हैं। वहीं, 7,186 पशुओं को ग्रामीणों की सुपुर्दगी में दे दिया है।
जिले में पांच बड़े गोआश्रय स्थल हैं। जबकि दो कान्हा गोआश्रय स्थल हैं। दावा तो यह किया जा रहा है कि गोआश्रय स्थल में चारे-भूसे आदि की कोई कमी नहीं है। हाल यह है कि जिले के सभी गोआश्रय स्थलों में पशुओं की संख्या क्षमता से ज्यादा है। वृहद चार गोआश्रय स्थल में 12 सौ के सापेक्ष 1923 पशु बंद हैं। लगभग हर गोआश्रय स्थल का यही हाल है। इन प्रयासों के बाद भी जिले में छुट्टा पशु पर नियंत्रण नहीं पाया जा पा रहा है। हालत यह है कि जिले में तकरीबन 10 हजार गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं।
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चार वृहद व दो कान्हा गोआश्रय स्थल बनाए जाएंगे
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी समदर्शी सरोज ने बताया कि करीब 30 हजार पशु उनके रिकार्ड में हैं। प्रदेश में कम ही जिले ऐसे होंगे जिनमें से इतने पशु गोआश्रय स्थल में बंद हैं। बावजूद इसके सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की संख्या भी कम नहीं। इसके लिए तीन-तीन सौ की क्षमता वाले चार वृहद गोआश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। जबकि दो कान्हा गोशाला बनेंगे। सभी की क्षमता 300 की है।


कोहरे में छुट्टा पशुओं के कारण हादसे बढ़ने की आशंका

जिले में बड़ी संख्या में गोवंश एमएफ हाईवे, बदायूं दिल्ली रोड, बदायूं-बरेली से लेकर अन्य मार्गों पर घूम रहे हैं। अब ठंड शुरू हो रही है और आने वाले समय में कोहरा भी पड़ेगा। ऐसे में वाहन चालकों को दूसरे वाहनोंं के साथ खुद को गोवंशों से भी बचाना होगा। हर साल सर्दियों में जिले में छुट्टा पशुओं के कारण हादसे होते हैं। बीते साल ही करीब आठ लोगों की छुट्टा पशुओं के कारण हुए हादसाें में जान गई थी।



छुट्टा पशुओं को पकड़ने का लगातार अभियान चल रहा है। अब इन्हें पकड़कर बधियाकरण किया जा रहा है। जिससे कि इनकी संख्या रोकी जा सके। जल्द ही गोआश्रय स्थल का भी निर्माण कराया जा रहा है।
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-समदर्शी सरोज, सीवीओ
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