दातागंज (बदायूं)। विकासखंड म्याऊ के गांव जमालपुर में दर्जनों की संख्या में जवान लोग वृद्धावस्था पेंशन ले रहे थे। यही नहीं, चार ऐसे लोगों की भी पेंशन निकल रही थी जो अब इस दुनिया में ही नहीं हैं। बीडीओ ने जांच कराई तो 83 ऐसे फर्जी लोग सामने आए। बीडीओ ने पूरी रिपोर्ट समाज कल्याण अधिकारी को भेज दी है। इतनी संख्या में फर्जी लोगों के वृद्धावस्था पेंशन लेने के मामले में समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों पर भी उंगली उठ रही है। माना जा रहा है यदि बारीकी से जांच पड़ताल होती है तो निश्चित तौर पर पेंशन बनाने वाले कर्मचारियों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
गांव जमालपुर के प्रधानपति राजभान सिंह और ग्रामीण परमेश्वरी ने प्रशासनिक अधिकारियों और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिकायत की थी कि गांव के कई युवा लोग वृद्धावस्था पेंशन ले रहे हैं। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद बीडीओ म्याऊं वीपी सिंह ने जब जांच कराई तो पता चला कि 83 ऐसे लोग पेंशन ले रहे हैं जिनकी आयु 40 साल से भी कम है। इनमें कुछ तो 20 से 26 साल तक के हैं। चार लोग ऐसे भी सामने आए, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी पेंशन लगातार निकल रही है। इतनी संख्या में अपात्र लोगों के पकड़े जाने के बाद से उन सभी में भी खलबली मची है। कहा जा रहा है कि समाज कल्याण विभाग के जिन कर्मचारियों ने इन अपात्र लोगों की पेंशन बनाई है, यदि उसकी बारीकी से जांच होती है तो उनकी गर्दनें नप सकतीं हैं।
मैंने जो जांच कराई है उसमें 83 ऐसे लोगों के नाम पता चले हैं जो फर्जीवाड़े के आधार पर पेंशन ले रहे हैं। इसकी रिपोर्ट समाज कल्याण अधिकारी को भेज दी गई है।
वीपी सिंह, बीडीओ, म्याऊं
जमालपुर के मामले में अब विभागीय जांच चल रही है। अपात्र पाए जाने पर न सिर्फ संबंधित की पेंशन खत्म कर दी जाएगी, बल्कि उससे रिकवरी भी की जाएगी। इस पूरे मामले में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा।
राकेश गुप्ता, समाज कल्याण अधिकारी