डॉ. रईस ने निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं।
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बदायूं। एनआरएचएम के राज्य सलाहकार ने गुरुवार को जिला महिला अस्पताल और उझानी सीएचसी का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने खामियों को सुधारने के निर्देश दिए। वह शुक्रवार को भी जिले के सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे। राज्य सलाहकार डॉ. रईस अहमद सबसे पहले जिला महिला अस्पताल पहुंचे। यहां सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा और सीएमएस डॉ. रेखा रानी से मिले। डॉ. रईस ने अस्पताल में घूमकर व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने डॉ. राबिया शकील और डॉ. हाकिम सिंह समेत दूसरे डॉक्टरों से बातचीत करके अस्पताल में मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी जुटाई। इसके बाद लेबर रूम देखा जो पुराने भवन में पुरानी व्यवस्थाओं पर संचालित हो रहा था। उन्होंने सीएमएस से कहा कि जल्द ही लेबर रूम को नए भवन में शिफ्ट करा दिया जाए। बताया कि भारत सरकार के पोर्टल पर इस अस्पताल का डाटा लोड नहीं हो पा रहा। प्रशिक्षण के बावजूद कर्मचारी काम नहीं कर पा रहे, यह स्थिति खराब है। जेनरेटर भी कम ही चल रहा है। यह स्थिति ठीक करें। उन्होंने उझानी सीएचसी में पाया कि एनेस्थिस्ट के न होने की वजह से सर्जरी नहीं हो पा रही है। वहां गायनी के अच्छे डॉक्टर मौजूद हैं जिनका उपयोग दूसरे अस्पतालों में भी हो सकता है।
महिला और बच्चों की सुरक्षा पीएम की प्राथमिकता
डॉ. रईस ने बताया कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर इलाज और संस्थागत प्रसव कराना प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकता है। हर महीने की नौ तारीख को प्रधानमंत्री मातृ सुरक्षा अभियान दिवस मनाया जाता है। इस दिन जिला अस्पताल और एफआर यूनिट पर विशेषज्ञ डॉक्टर गर्भवती महिलाओं से जुड़े गंभीर मामलों को देखते हैं। उन्हें इलाज के साथ ही सावधानी और परहेज के बारे में बताया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर एनआरएचएम इस मिशन को पूरा करने में जुटा है।