बदायूं। सामूहिक दुष्कर्म के 10 साल पुराने मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट तृतीय डॉ. मोहम्मद इलियास ने दो नामजदों को मुजरिम ठहराया है। कोर्ट ने उन्हें 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम जमा होने पर संपूर्ण धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव की एक महिला ने 30 दिसंबर 2013 को सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके मुताबिक थाना क्षेत्र के गांव कोड़ा जयकरन निवासी मोनू और रिंकू उसकी नाबालिग बेटी को बहलाकर अपने साथ ले गए। करीब 10 दिन बाद पुलिस नाबालिग लड़की को तलाश करके लाई।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी मोनू और रिंकू ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मोनू और रिंकू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर केवल मोनू के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। वादिनी ने आरोपी रिंकू को कोर्ट से तलब कराकर आरोपी बनाया।
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट डॉ. मोहम्मद इलियास ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रदीप भारती, सीपी सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना।
कोर्ट ने मोनू और रिंकू को दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों मुजरिम पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।