दातागंज के गांव अकट से अवधेश की शादी पर दूल्हा को विदा करतीं परिवार की महिलाएं। संवाद
बदायूं। यह बाढ़ भी हमेशा के लिए यादगार हो गई...। 18 दोस्तों ने ट्यूब की नाव बनाकर अवधेश को बाढ़ के पानी से पार लगाया और दूल्हा-दुल्हन की सात जन्मों की रस्मों को पूरा करने में खूब मेहनत की। कई खास रिश्तेदार तो ऐसे भी रहे, जिनका सपना शादी देखने का अधूरा रह गया और वह पानी बढ़ने की वजह से शामिल नहीं हो सके। दरअसल, बाढ़ की वजह से दातागंज में जनजीवन प्रभावित हो चुका है। ऐसे में पहले से प्रस्तावित शादियों में भी काफी परेशानियों का सामना लोगों को करना पड़ रहा है।
गांव अकट निवासी रोशन लाल कश्यप के बेटे अवधेश की बृहस्पतिवार को सहसवान के हरदत्तपुर बरात जानी थी। सुबह से ही परिवार के लोग दूल्हे को सात किलोमीटर पानी से लेकर जाने के इंतजाम में जुटे। जैसे- तैसे 18 दोस्तों ने ट्यूब की नाव तैयार की। इसके बाद उन्होंने अवधेश को उसमें बिठाकर बाढ़ के पानी से पार लगाया। उसके बाद वाहन द्वारा बरात रवाना हो सकी। बरात को महिलाओं ने पानी में घुसकर विदा किया। वहीं, गांव अकट निवासी दूल्हा बने अवधेश ने बताया कि शादी पहले से तय थी। अचानक बाढ़ आने से गांव पानी से घिर गया। दोस्तों ने मेहनत कर पानी में ट्यूब की नाव डालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। यह शादी यादगार रहेगी।
गांव के 20 लोग ही बरात में हो सके शामिल
बदायूं। बाढ़ का पानी बढ़ जाने से शादी में लोग शामिल नहीं हो सके। गांव से परिवार के ही 20 लोग बरात में शामिल हुए। बरात में शामिल हुए राजू ने बताया कि पहली ऐसी बरात में आए हैं। जिसके लिए सात किलोमीटर पानी में चलना पड़ा है।
दातागंज के गांव अकट से अवधेश की शादी पर दूल्हा को विदा करतीं परिवार की महिलाएं। संवाद