राफेल सौदे में उठ रहीं शंकाओं का समाधान आवश्यक: धर्मेंद्र
बदायूं। समाजवादी पार्टी से बदायूं सांसद धर्मेंद्र यादव ने शुक्रवार को संसद के शीतकालीन सत्र में राफेल डील के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार यह समझौता हुआ और जिस तरह से देश के सामने सवाल खड़े हुए वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव जब देश के रक्षामंत्री थे, तब 30 सुखोई विमान वायु सेना के लिए खरीदे गए जो अब तक का सबसे मजबूत विमान हैं। जब सुखोई 30 का समझौता हुआ तो उस समय सदन के अंदर नेता प्रतिपक्ष अटल बिहारी वाजपेई ने तत्कालीन रक्षामंत्री को बधाई दी थी। सांसद ने कहा कि राष्ट्रहित में ऐसे समझौते किए जाएं कि विपक्ष भी उस पर उंगली न उठा सके, लेकिन वर्तमान में राफेल सौदे में जिस प्रकार एचएएल जैसी सार्वजनिक संस्था के साथ अनुबंध न करके निजी कंपनियों के साथ अनुबंध किया गया है, इसमें जितनी शंकाएं उत्पन्न हुई है उनका समाधान होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार चाहे तो विमानों की कीमत को सार्वजनिक कर सकती है, नहीं तो देश की जनता के सामने राफेल डील कहीं न कहीं शंका के दायरे में रहेगी। सांसद ने सपा की ओर से इस विषय पर संयुक्त संसदीय कमेटी की बैठक की भी मांग की।