बदायूं। वजीरगंज थाना क्षेत्र में सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे दूवों गांव से होकर निकल रहे कांवड़ियों के जत्थे पर दूसरे समुदाय के लोगों ने पथराव कर दिया। पथराव और भगदड़ में करीब 15 कांवड़िये घायल हो गए। उन्होंने गांव के बाहर प्रदर्शन कर हमलावरों पर कार्रवाई की मांग की। इस पर कई थानों की पुलिस पहुंच गई। बमुश्किल कांवड़ियों को शांत कराया।
वजीरगंज के गांव लहरा लाड़पुर के रहने वाले करीब सौ लोग बरेली जिले के आंवला क्षेत्र स्थित गौरीशंकर गुलड़िया शिव मंदिर पर जलाभिषेक के बाद दो ट्रैक्टर-ट्राली से लौट रहे थे। कांवड़ियों के मुताबिक उस वक्त उनकी ट्रालियों में बंधा डीजे बज रहा था। जैसे ही उनका जत्था दूवों गांव पहुंचा तभी दूसरे समुदाय के लोगों ने उन्हें घेर लिया। उन्हें डीजे बंद कराने को कहा। बंद ने करने पर दूसरे समुदाय के लोगों ने उन पर पथराव कर दिया। कुछ कांवड़ियों पर लाठी-डंडे से भी हमला किया इस जत्थे में शामिल महिला कांवड़ियों को भी नहीं बख्शा। हमले में रामसेवक (45), कैलाश (18), गुड्डू (12), पुष्पा (15), लक्ष्मी (12), सुमन (15), मेघनाथ (20), धनवती (15), वीरवाला (14), मीना (17) और नन्हे (29) समेत करीब 15 कांवड़िये घायल हो गए।
सभी कांवड़िया दूवों गांव से भाग खड़े हुए। उन्होंने गांव के बाहर आकर पुलिस को सूचना दी। इस पर वजीरगंज, बिसौली, फैजगंज बेहटा और बिल्सी थाने की पुलिस पहुंच गई। कुछ देर बाद एसपी देहात सिद्घार्थ वर्मा पहुंच गए। उन्होंने कांवड़ियों को समझाबुझाकर शांत कराया। घायलों को जिला अस्पताल भेज दिया गया। देर शाम एसएसपी डॉ. ओपी सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कांवड़ियों ने पुलिस को दूवों गांव के पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रधान के बेटे को नामजद करते हुए 25 लोगों के खिला तहरीर दी है।
- सोमवार शाम कांवड़ियों का जत्था दूवों गांव से होकर गुजर रहा था, तभी डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था। इसी बात को लेकर उन पर पथराव कर दिया। इसमें कुछ कांवड़ियों के चोटें आईं। उनकी ओर से एफआईआर कराई जा रही है। - सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात