कोरोना की बूस्टर डोज लगवाता युवक। फाइल
- फोटो : BADAUN
बदायूं। कोरोना की बूस्टर डोज के लिए अब 60 वर्ष से कम आयु के लोगों को 685 रुपये खर्च करने होंगे। अब मुफ्त में बूस्टर डोज केवल 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को ही दी जाएगी। सरकार ने 15 जुलाई से 30 सितंबर तक आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सभी को मुफ्त बूस्टर डोज का अभियान चलाया था, लेकिन जिले के 12 लाख लोग इस अवधि में मुफ्त की बूस्टर डोज नहीं ले सके। सिर्फ सात लाख लोगों ने ही निशुल्क सुरक्षा टीका लगाया है।
जिले में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को 15 जुुलाई से 30 सितंबर तक निशुल्क बूस्टर डोज दी जानी थी। इस दौरान 19 लाख लोगों को बूस्टर डोज देने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 30 सितंबर तक करीब सात लाख लोगों ने ही सुरक्षा टीका लगवाया। जिले में अब भी 12 लाख लोग ऐसे हैं जो मुफ्त बूस्टर डोज लेने से चूक गए। अब इन लोगों को मुफ्त में सुरक्षा टीका नहीं लगाया जाएगा। सुरक्षा टीका लगवाने के लिए अब 60 वर्ष से कम आयु के लोगों को 685 रुपये खर्च करने होंगे।
सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर अब सिर्फ 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को ही मुफ्त बूस्टर डोज दी जाएगी। 60 वर्ष से कम आयु के लोगों को निजी अस्पतालों में शुल्क अदा कर सुरक्षा टीका लगवाना होगा। गौर करने की बात यह है कि बूस्टर डोज के लिए जिले में निजी अस्पताल आगे ही नहीं आ रहे। दरअसल, इससे उनको नुकसान है। एक वैक्सीन की वायल जब खुल जाती है, तो उसमें दस लोगों को टीका लगाया जाता है। एक घंटे के भीतर अगर वायल खर्च नहीं होती तो वैक्सीन खराब हो जाती है। ऐसे में बूस्टर डोज ले चुके लोगों को बरेली की दौड़ भी लगानी पड़ सकती है।
15 जुलाई से 30 सितंबर तक ही 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को निशुल्क बूस्टर डोज की व्यवस्था थी। इस दौरान करीब सात लाख लोगों ने ही बूस्टर डोज ली। अब 60 वर्ष से कम आयु के लोगों को बूस्टर डोज निशुल्क नहीं दी जाएगी। इसके लिए इन लोगों को 685 रुपये का भुगतान करना होगा। जिले में बूस्टर डोज न लेने वाले लोगों की संख्या 12 लाख से ज्यादा है। - डॉ. मोहम्मद असलम, नोडल अधिकारी टीकाकरण