बदायूं। परिवहन निगम में चलाई जा रहीं खटारा रोडवेज बसों से अब निजात मिलने वाली है। इनको चिह्नित करा लिया गया है। यह बसें जिले के अलग-अलग मार्गों पर चल रहीं थीं। दो दिन पहले चिह्नीकरण शुरू कराया गया था। इसमें 12 बसों को चिह्नित हुईं। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। इसके बाद बसों का संचालन बंद करा दिया जाएगा।
परिवहन निगम में कुल 139 सरकारी और 43 अनुबंधित बसें हैं। अभी कुछ दिन पहले ही निगम को 10 नई रोडवेज बसें मिली थीं। उसी दौरान उन्हें बदायूं-दिल्ली मार्ग पर लगा दिया गया। बदायूं से गाजियाबाद तक केवल नई बसें ही जा रही हैं। पुरानी बसों को कौशांबी जिले से आगे नहीं जाने दिया जा रहा। दिल्ली में उनका प्रवेश बंद कर दिया गया है। पिछले काफी समय से परिवहन निगम में खटारा बसों के चलाए जाने की शिकायतें आ रही थीं। उनमें किसी का शीशा टूटा था तो किसी की सीट ही टूटी थी। कई बसों का फर्श तक गल गया था। इसके बावजूद उन्हें अलग-अलग मार्गों पर दौड़ाया जा रहा था।
नए एआरएम अजय कुमार सिंह ने दो दिन पहले खटारा रोडवेज बसों को चिह्नित कराने का आदेश दिया था। इससे सभी बसों की जांच शुरू कर दी गई थी। इस छानबीन में पता चला कि निगम में 12 खटारा रोडवेज बसें चल रहीं हैं। एआरएम ने बताया कि बसों को चिह्नित किया गया है। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। अधिकारियों के आदेश पर बसों का संचालन बंद करा दिया जाएगा। बाद में उन्हें नीलाम कर दिया जाएगा।