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Budaun News: जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक के 12 मरीज भर्ती

Sun, 19 May 2024 05:04 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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जिला अस्पताल के हीट स्ट्रोक वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
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बदायूं। जिला अस्पताल के हीट स्ट्रोक रूम में शनिवार चार नए मरीज भर्ती किए गए। अब इनकी संख्या 12 हो गई है। जिला अस्पताल में शनिवार को इलाज के लिए 1,204 मरीज पहुंचे। इनमें 418 मरीज हीट स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन के रहे। चार की स्थिति ऐसी थी जिन्हें भर्ती करना पड़ा। बाकी को परामर्श और दवाई देकर घर भेज दिया गया। चिकित्सकाें के अनुसार गर्मी के कारण लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। मरीजों में चक्कर आने, जी-मिचलाने और सिरदर्द जैसे लक्षण मिल रहे हैं। डायरिया के मरीजों की संख्या भी काफी है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन उल्टी-दस्त के 200 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से औसतन पांच से दस मरीज भर्ती हो रहे हैं।
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लू लगने पर क्या करें
जिला अस्पताल के डॉ. नितिन सिंह ने बताया कि यदि हीट स्ट्रोक हुआ है, तो प्राथमिक उपचार कराएं। वातानुकूलित या ठंडे वातावरण में रहें। ढीले कपड़े पहनें अनावश्यक न निकलें। थर्मामीटर से तापमान की निगरानी करते रहें। तीन से चार लीटर पानी 24 घंटे में जरूर पीएं। प्यास लगती है तो इससे ज्यादा पी सकते हैं।
हीट स्ट्रोक के लक्षणों की करें पहचान

लू लगने की स्थिति में शरीर का तापमान बहुत अधिक हो जाना प्रमुख है। इसके अलावा लू लगने के कारण बेहोशी का भी जोखिम रहता है। इन लक्षणों के साथ-साथ हीट स्ट्रोक के कारण होने वाली अन्य समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है।
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बहुत तेज सिरदर्द
चक्कर आना और सिर घूमना
गर्मी के बावजूद पसीना न आना
मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन
उल्टी होना प्रमुख है
दिल की धड़कन तेज या कमजोर होना।
व्यवहार में परिवर्तन जैसे भ्रम, याददाश्त की समस्या होना।

हीट स्ट्रोक से कैसे बचें

हल्के रंग के ढीले-ढाले कपड़े पहनें। दिन में कम से कम आठ गिलास पानी, जूस का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। सोडियम की कमी के कारण गर्मी से संबंधित बीमारियां भी हो सकती हैं। इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय का सेवन करें। व्यायाम करते समय या बाहर काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।


लू व गर्मी से पीड़ित मरीजों के लिए सभी सरकारी चिकित्सालयों में ओआरएस कॉर्नर दुरूस्त करा दिए गए हैं। सीएचसी स्तर पर पांच-पांच बेड का लू वार्ड बना हुआ है। मरीजों के लिए दवा उपलब्ध है। गंभीर मरीज काे ही भर्ती किया जा रहा है। बाकी मरीजों को दवा देकर ओआरएस का घोल पीने की सलाह दी जा रही है। - डॉ.अब्दुल सलाम, सीएमओ
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