बदायूं। पांच साल पहले नाबालिग से हुए दुष्कर्म के मामले में नामजद आरोपी को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट तृतीय डॉ. मोहम्मद इलियास ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषसिद्ध को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही मुजरिम पर 26 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम जमा होने पर पूरी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
विशेष लोक अभियोजक प्रदीप भारती, सीपी सिंह के अनुसार थाना उसावां क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 24 दिसंबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी 14 वर्षीय पुत्री खेत से चारा काटने गई थी। तभी थाना क्षेत्र के गांव मथना निवासी नन्नपाल उर्फ सत्यवीर ने तमंचे के जोर पर उससे दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने घर आकर अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने नन्नपाल उर्फ सत्यवीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट डॉ. मोहम्मद इलियास ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया।
कोर्ट ने अभियोजन की ओर से प्रदीप भारती, सीपी सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुना। कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में नन्नपाल उर्फ सत्यवीर को मुजरिम ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषसिद्ध पर 26 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।