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1.83 लाख परिवारों पर अब भी शौचालय नहीं

Wed, 02 Aug 2017 06:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
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साल 2012 में कराए गए हाउस होल्ड सर्वे में जिले में दो लाख 27 हजार परिवारों के पास शौचालय नहीं निकले थे। उसके बाद से निर्मल भारत और स्वच्छ भारत अभियान में जिले में कुल लगभग 44 हजार शौचालय ही बनाए जा सके हैं। जाहिर है कि ऐसे में अब भी एक लाख 83 हजार परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। ये आंकड़ा सरकारी है, सच तो इससे भी ज्यादा हो सकता है। ऐसे में, जिले को खुले में शौच मुक्त करने का अभियान सफल नहीं हो पा रहा है। अफसर जिस सच को छुपाते हुए जिले को ओडीएफ बनाना चाहते हैं, वह यह कि जब लोगों के घरों में शौचालय ही नहीं बने हैं तो वे आखिर खुले में शौच के लिए न जाएं तो कहां जाएं? यही सवाल लोग अफसरों से पूछते हैं लेकिन जवाब नदारद है। स्वच्छता मिशन के तहत जिले को खुले में शौच मुक्त यानी ओडीएफ करने के  लिए 31 दिसंबर 2017 का लक्ष्य रखा गया है। 2012 सर्वे के अनुसार जिले में कुल 422661 परिवार हैं। इनमें 270539 परिवार शौचालय विहीन पए गए हैं। ऐसे में जिले को ओडीएफ कराने के लिए दिसंबर तक सारे घरों में शौचालय बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं शासन की ओर से अब तक  पिछले वित्तीय वर्ष को मिला कर केवल दो किस्तों में करीब 37 करोड़ रुपया जारी हुआ है जिससे पूरे जिले में मात्र 30820 परिवारों के लिए शौचालय बनवाए जा चुके हैं। करीब छह हजार शौचालय 2013-2014 वित्तीय वर्ष के बने हुए हैं। कुल मिलाकर अब तक जिले में 35 हजार शौचालय बने है।  दूसरी ओर सचिव और प्रधानों का सहयोग न होने की वजह से भी दिक्कतें आ रही हैं, और सी.एल.टी.एस की ट्रेनिंग भी सही तरीके से नही हो पा रही है। इस तरीके से जिले का लक्ष्य पूरा होना मुश्किल दिखाई दे रहा है। स्वच्छता मिशन के तहत जिले को खुले में शौच मुक्त यानी ओडीएफ करने के  लिए 31 दिसंबर का लक्ष्य रखा गया है। 2012 सर्वे के अनुसार जिले में कुल 422661 परिवार हैं। इनमें 270539 परिवार शौचालय विहीन पाए गए हैं।  इनमें गंगा एक्शन प्लान के तहत गंगा किनारे के छह गांवों में 1068 शौचालय बनवाए जा चुके हैं। इनमें जिले में 9650 शौचालय निर्माण के लिए 115800000 रुपये की धनराशि लाभार्थियों के खाते में भेजी जा चुकी है। वहीं 260889 शौचालय निर्माण के लिए 312 करोड़ रुपये की जरूरत और बताई जा रही है। केंद्र और सरकार के मंत्री और अधिकारी इसको लेकर लगातार बैठकें और समीक्षा कर रहे हैं और समय से लक्ष्य हासिल करने की हिदायत भी दी जा रही है लेकिन लक्ष्य के अनुरूप न तो धनराशि अवमुक्त की जा रही है और न ही लक्ष्य के सापेक्ष कार्य चल रहा है। 9650 शौचालयों का निर्माण कराने के लिए शासन से 11करोड़ 58 लाख की धनराशि और जारी हुई है जिसे जल्द अन्य गांवों में भेजने को सूची बनाई जा रही है।  
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