- डीएम के आश्वासन पर डीएफओ कार्यालय से किसानों ने किया धरना स्थगित
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गुलदार से निजात दिलाने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड) और डब्ल्यूडब्ल्यूटीआई की टीमें बिजनौर पहुंच चुकी हैं। यह टीमें लगातार जनपद में ही कैंप करेंगी और रेस्क्यू टीम भी यहीं रहेगी। किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन के कई बिंदुओं पर सहमति बन गई है। डीएम के आश्वासन पर किसानों ने धरना स्थगित किया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनके साथ वादाखिलाफी हुई तो वह फिर से आंदोलन करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के बैनर तले बुधवार को आठवें दिन भी किसानों का डीएफओ कार्यालय पर धरना जारी रहा। धरने पर बैठे किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ डीएम ने कैंप कार्यालय पर वार्ता की। वार्ता के क्रम में जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव वन विभाग उप्र से बिजनौर में गुलदार की घटनाओं तथा किसानों के सामने आ रही समस्याओं को लेकर अवगत कराया। जिलाधिकारी की मौजूदगी में डीएफओ से वार्ता में कई बिंदुओं पर सहमति बनी है। इसके बाद आंदोलनकारी किसानों ने आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा की। धरने पर युवा प्रदेशाध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह, जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही, गौरव कुमार जिघाला, नितेंद्र प्रधान, अतुल कुमार, दर्शन सिंह फौजी, अंकित कुमार, दीपक तोमर आदि मौजूद रहे।
इन बिंदुओं पर बनी सहमति
- गुलदार से कोई जनहानि न हो, इसके लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ तथा डब्ल्यूडब्ल्यूटीआई की टीम बिजनौर पहुंची।
- रामपुर ठकरा में एक रेस्क्यू सेंटर खोले जाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। दो दिन के अंदर शासन को भेज दिया जाएगा।
- गुलदार के हमले से हुई मौत वालों के परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा।
- जंगली जानवरों से हुए फसलों से नुकसान के लिए 30 किसानों के मुआवजे की स्वीकृति आ चुकी है
- गुलदार से बचाव के लिए गांव का प्रचार प्रसार तेज किया जाएगा
- गुलदार के लिए 11 टीम और 22 पिंजरे तैयार कर दिए गए हैं, पिंजरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी
- अमानगढ़ रेंज में वाटर हॉल में पानी रहे। इसकी व्यवस्था भी कर ली गई है।