-विदेशी व्यापारियों के लिए नगीना में नहीं एक भी बड़ा होटल
-देश-विदेश में पहचान बना चुकी है नगीना की काष्ठकला
गौरव गोयल
नगीना। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नगीना को पहचान दिलाने वाला यहां का हैंडीक्राफ्ट उद्योग आज भी समस्याओं से घिरा हुआ है। सरकार की लाख कोशिशें भी इस उद्योग को वह गति नहीं प्रदान करा पा रही है, जिसकी यहां के शिल्पकारों को दरकार है। सरकार निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर तो देती है, लेकिन विदेशी मेहमानों को ठहराने के लिए एक होटल की व्यवस्था भी आज तक यहां नहीं हो पाई है।
नगीना का काष्ठ कला उद्योग लकड़ी पर की जाने वाली नक्काशी के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां के कारीगरों द्वारा बनाए जाने वाले लकड़ी के सिंगार दान, व्हील वाली घड़ी, छड़ी, माला, महिलाओं के आभूषण, बच्चों के खिलौने व सजावट के आइटम की देश से ज्यादा विदेश में डिमांड है।
देश के अलावा विदेश के पांच सितारा होटलों में भी यहां लकड़ी के बने आइटम में खाना सर्व किया जाता है। सरकार ने एक जिला एक उत्पाद में नगीना के हैंडीक्राफ्ट उद्योग को शामिल तो किया है, लेकिन इस कारोबार से जुड़े बड़े व छोटे उद्यमियों को जमीनी स्तर पर जो सुविधाएं मिलनी चाहिए थी, उसकी इंतजार आज भी हो रही है।
400 करोड़ सालाना का है व्यापार
करीब 400 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार करने वाला नगीना का हैंडीक्राफ्ट उद्योग आज भी देश व विदेश में वह पहचान नहीं प्राप्त कर पाया, जिसका वह हकदार है। एक समय ऐसा भी था जब नगीना के कई मोहल्ले ऐसे थे जिसमें हर घर में लकड़ी पर नक्काशी करते हुए कारीगरों को आम तौर पर देखा जा सकता था। मगर, अब मशीनों ने भी अपनी दखल बढ़ाई तो आदमियों की जरूरत कम महसूस होने लगी। फिर भी नगीना में आज भी करीब 1500 छोटी/बड़ी यूनिट काम कर रही है। इनमें करीब 6000 से अधिक लोग प्रतिदिन लकड़ी पर अपने हुनर बिखेरते हैं।
काष्ठकला को मिल चुका है जीआई प्रमाण पत्र
नगीना काष्ठ कला उद्योग को सरकार से जीआई प्रमाण पत्र भी हासिल हो चुका है। पिछले साल जून माह में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में नगीना क्राफ्ट डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष इरशाद मुल्तानी और मोहम्मद मतलूब को अपने हाथों से प्रमाण पत्र दिया था।
कई व्यवस्थाओं की है जरूरत: जुल्फिकार
अग्रणी काष्ठ कला उद्यमी व 100 से अधिक देशों से हैंडीक्राफ्ट का कारोबार करने वाले जुल्फिकार आलम बताते हैं कि विदेशी मेहमानों/ खरीदारों को ठहराने के लिए आजादी के 75 वर्ष बाद भी एक अच्छे होटल की व्यवस्था नगीना में नहीं हो पाई है। उनका कहना है कि सरकार को एक बड़े स्तर का होटल नगीना में खुलवाने की व्यवस्था करनी चाहिए।
महंगी लकड़ी भी बन रही समस्या : इरशाद मुल्तानी
नगीना क्राफ्ट डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष इरशाद मुल्तानी बताते हैं कि हैंडीक्राफ्ट उद्योग को गति प्रदान करने के लिए सरकार वन विभाग से शीशम व अन्य हैंडीक्राफ्ट में प्रयोग होने वाली लकड़ियों को कम दाम पर उपलब्ध कराएं। हैंडीक्राफ्ट में प्रयोग होने वाली लकड़ी का फ्लोर रेट एक वर्ष के लिए सुनिश्चित हो, हैंड क्राफ्ट कारोबार में इस्तेमाल होने वाली थर्ड ग्रेड की लकड़ी नगीना के लिए ही आवंटित/ आरक्षित हो, लकड़ी की नीलामी खरीद जीएसटी से पूर्व के नियम पर लागू की जाएं। इसमें विक्रय कर दिए बिना नीलामी खरीद ली जाती थी।