महिलाओं ने सावन के गीतों से बांधा समां
नजीबाबाद। वाणी अखिल भारतीय हिंदी संस्थान की ओर से आयोजित मल्हार संध्या पर महिलाओं ने सावन के गीत प्रस्तुत किए।
संस्था की अध्यक्ष रश्मि अग्रवाल के नेतृत्व में महिलाओं ने सावन मल्हान गीतों से बांध दिया। मल्हार संध्या में रचना शास्त्री ने अधरों पर प्यास जगी है..., शशि शर्मा ने आया सावन का महीना..., डॉ. पूनम चौहान ने सावन आया बादल छाए..., रश्मि अग्रवाल ने सावन के दिन चार मेरी माई...,
मीरा मित्तल ने सावन का महीना पवन करे शोर..., मधु माहेश्वरी ने नीम की है डाल झूला रेशम का..., मिथलेश सिंघल ने बदरिया बरसे श्याम नहीं आए..., डॉ. अंजु बंसल ने राधा झूल रही कान्हा संग में..., सविता वर्मा ने तीजन तो झूलन सासू मैं चली..., नीतू अग्रवाल ने झूला तो पड़ गए अमुवा की डाल पे...आदि मल्हार गाए। श्रोता रूप में रमा अग्रवाल, सविता अग्रवाल, उषा शर्मा, शिखा गुप्ता, रचना शास्त्री शामिल रहे।