बढ़ते शहर के साथ बढ़ती गई ड्रेनेज की समस्या
बिजनौर। शहर बिजनौर की आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम पुराना ही है। हाल ही में नगर पालिका बिजनौर के हुए सीमा विस्तार में 13 ग्राम पंचायतें एवं उनमें बसी कॉलोनियां शामिल हुई है। वर्तमान में शहर की आबादी में पेयजल आपूर्ति के लिए 28 नलकूप संचालित है। हर बार आबादी बढ़ी और पानी की खपत भी बढ़ी, लेकिन ड्रेनेज की समस्या पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसके कारण शहर के बाहरी कॉलोनियों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से वहां खाली प्लाटों व बाहरी क्षेत्र की जमीन में जलभराव हो रहा है। इससे वहां रहने वाले लोगों को परेशानी होती और संक्रमण रोग फैलने का अंदेशा बना रहता है।
बिजनौर नगर पालिका की आबादी करीब दो लाख है। शहर के मोहल्लों, कालोनियों से पानी की निकासी के लिए 21 छोटे लंबे तथा 38 बड़े लंबे नाले बने हुए हैं। पुराने बाजार एवं पुरानी कालोनियों के अंदर अतिक्रमण होने से नालों की स्थिति दशकों पुरानी ही है। दस साल पहले शहर में करीब 15 नलकूप थे। वर्तमान में 28 नलकूप चल रहे हैं। इनमें तीन नलकूप हाल ही में पालिका में शामिल हुए है, जिसमें से एक आवास-विकास कालोनी में नया बना है और दो नई आबादी के साथ शहर में शामिल हुए हैं। आबादी के साथ शहर में पानी का खर्च भी बढ़ा है। शहर में सीवर लाइन से अंदर व बाहर जाने वाले नाले अभी शतप्रतिशत नहीं जोड़े गए हैं। शहर के अंदर से बाहर की ओर निकासी करने वाले नालों का पानी के लिए तालाब आदि की भी व्यवस्था नहीं है।
बाहरी क्षेत्र को मिले पानी भराव से निजात
झालू रोड स्थित शैलेंद्र चौधरी का कहना है कि शहर में नाली-नाले बनाकर अंदर पानी बाहर छोड़ दिया जाता है। इस कारण बाहरी कॉलोनियों के खाली प्लाट में पानी भराव रहता है। गंदा पानी भरा होने बदबू आती है, वहीं संक्रमण रोग फैलने का अंदेशा बना रहता हैैैै। इससे निजात पाने दिलाने को ठोस कदम उठाया जाए।
सीवर सिस्टम से जोड़े जाए नाले
कई वर्षों पहले शहर में सीवर लाइन बिछाई गई है। सीवर लाइन शहर के अंदर के साथ बाहरी कॉलोनियों में बिछाई गई है। सीवर लाइन से शतप्रतिशत नालों को छोड़ा जाए, तो बाहरी क्षेत्र की समस्या से निजात मिल जाएगी। इसके नगर पालिका परिषद को ठोस कदम उठाया जाए।
घरों में घुस जाता है बारिश का पानी
विशाल ढाका ने कहा कि उनकी कालोनी आवास-विकास जलभराव की बड़ी समस्या है। रोजमर्रा प्रयोग होने वाले पानी की निकासी की अच्छी व्यवस्था नहीं है। बारिश का पानी तो कालोनी के अधिकांश घरों में घुस जाता है। उनकी कॉलोनी अब पालिका में शामिल हो गई है। पालिका इस पर ठोस कदम उठाएं।
निकासी की बड़ी समस्या
मुकेश चौहान का कहना है कि शहर के बाहरी क्षेत्र में पानी निकासी की बड़ी समस्या है। पालिका सीमा विस्तार में शामिल हुई व पुरानी कॉलोनी पानी निकासी ध्वस्त है। शहर के बाहरी कालोनियां ड्रेनेज सिस्टम से नहीं जुड़ी हुई है। इससे उन कालोनियों व शहर के अंदर का पानी से खाली जमीन, प्लाटों में भर जाता है।
अचानक बारिश आने से जलभराव की समस्या होती है। बाहरी कॉलोनियों के लिए ड्रेनेज सिस्टम बनाने के लिए प्लान तैयार किय जा रहा है। - रुखसाना, चेयरपर्सन नगर पालिका