बढ़ापुर। रात्रि समय उत्तराखंड राज्य के जंगल से निकलकर सीमावर्ती बढ़ापुर वन रेंज क्षेत्र से सटे किसानों के खेतों में झुंड के रूप में प्रवेश करने वाले जंगली हाथियों ने फसलों को नुकसान पहुंचाकर किसानों की नींद उड़ा रखी है।
नजीबाबाद वन प्रभाग की बढ़ापुर वन रेंज का जंगल उत्तराखंड राज्य की पाखरौ वन रेंज से सटा है। उत्तराखंड की सोना नदी व पाखरौ वन रेंज से जंगली हाथी रात्रि समय घने जंगल से निकलकर बढ़ापुर रेंज के वन जंगल से होते हुए सीमावर्ती खेतों में प्रवेश कर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। सोमवार की रात्रि उत्तराखंड राज्य की पाखरौ व यहां की बढ़ापुर वन रेंज से सटे ग्राम जहानाबाद, बगनला, भूमिदान व खोबड़ा निवासी ग्रामीणों की गांव के समीप स्थित फसलों में जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया और धान व गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया।
किसान बताते है कि खेतों में आने वाले जंगली हाथी फसलों को खाने से अधिक नुकसान फसलों को रौंदकर पहुंचाते है। इन गांवों के किसान हरीश कुमार, चरन सिंह, किशन लाल, सुमेर सिंह, नंदराम, मुकेश सिंह ,सुरेंद्र, पवन व महेंद्र सिंह आदि ने बताया कि बीती रात किसानों ने एकत्र होकर उनकी फसलों में आ घुसे जंगली हाथियों के झुंड को जैसे तैसे वहां से खदेड़ा। उनका कहना है कि किसान अपनी जान जोखिम में डालकर अपनी फसलों की रखवाली कर रहे है। पीड़ित किसानों ने वन विभाग से इस ओर कोई कारगर कदम उठाने और जंगली हाथियों द्वारा नष्ट की गई उनकी फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की है।