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बाढ़ का खतरा टला तो कटान करने लगी गंगा

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मंडावर के खादर क्षेत्र में कटान करती गंगा। - फोटो : BIJNOR
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बाढ़ का खतरा टला तो कटान करने लगी गंगा
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बिजनौर। मैदानी इलाकों में अब बरसात बूंदाबांदी तक सिमट कर रह गई ह,ै लेकिन पहाड़ों पर बादल खूब बरस रहे हैं। पहाड़ की बारिश से गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव बना हुआ है। इस वजह से गंगा अब जमीन का कटान करने लगी है।
बुधवार को हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से गंगा में 64 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि बिजनौर बैराज से 48 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बिजनौर बैराज पर बुधवार को जलस्तर 218.90 मीटर बना रहा। मंगलवार की शाम चार बजे 219.10 मीटर था और मंगलवार की सुबह आठ बजे 219.30 मीटर था। पिछले तीन दिनों से गंगा के जलस्तर में यही उतार चढ़ाव चल रहा है। गंगा में उफान आया और फिर कम हो गया, यही कटान की वजह बनती है। बुधवार को गंगा ने फतेहपुर सभाचंद, राजारामपुर, सीमली कला, सीमली, बादशाहपुर, गौसपुर, रावली आदि गांव की जमीनों का कटान करना शुरू कर दिया। जिससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।
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बता दें कि बरसात बीतने को है, ऐसे में खादर में अब बाढ़ आने की चिंता दूर हो चुकी है, हालांकि गंगा के कटान से खादरवासियों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच रही हैं। क्योंकि कटान होने पर किसानों को अपनी फसल समय से पहले काटनी पड़ती है। खादर के किसानों के खेत देखते ही देखते गंगा में समा रहे हैं। ऐसे में किसानों के साथ में सिर्फ कच्ची फसल ही आती है। बालावाली से रावली तक गंगा गहराई में बहती है, जिसके चलते गंगा की धार कटान करते हुए आगे बढ़ जाती है। क्षेत्र के किसान मंगू सिंह, आनंद सिंह, महेंद्र सिंह, धर्मपाल, अमरपाल आदि ने बताया कि गंगा अब तेजी से कटान करने लगी है।
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