बिजनौर। मौसम ने शनिवार को एक बार फिर करवट बदल दी। सवेरे ही तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। हल्की बारिश ने ही मौसम में ठंडक घोल दी। तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मई के महीने में होने वाली चिलचिलाती गर्मी से राहत मिल सकी। उधर फसलों के लिए यह बूंदाबांदी मुफीद साबित हो रही है।
शनिवार की तड़के से ही जिलेभर में तेज हवा चलने लगी। करीब तीस मिनट तक तेज हवाओं के चलने के साथ ही काले बादल छा गए। कुछ ही देर में बूंदाबांदी होने लगी। चांदपुर से लेकर बिजनौर शहर तक काफी देर तक बूंदाबांदी हुई। कुछ जगहों पर मोटी मोटी बूंदों के साथ ओलावृष्टि भी हुई। हालांकि कुछ देर के बाद बूंदाबांदी तो थम गई लेकिन दोपहर होने तक बादलों के छाए रहने का सिलसिला बना रहा। बता दें कि मई के आखिरी सप्ताह में भयंकर गर्मी पड़ती है लेकिन इस बार मौसम का मिजाज बरसाती बना हुआ है। इसी वजह से चिलचिलाती गर्मी के बजाए मौसम में ठंडक घुली हुई है।
उधर शनिवार को अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि शुक्रवार को 34.4 डिग्री बना हुआ था, इससे पहले बृहस्पतिवार को भी अधिकतम तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। उधर शनिवार को न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री दर्ज किया गया जबकि शुक्रवार को यह 21 डिग्री पर था। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया था। बूंदाबांदी और बादलों के छाए रहने की वजह से दिन के तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
हो सकेगी चारे की बुवाई
यह बारिश किसानों के लिए मुफीद साबित हो रही है। क्योंकि बारिश होने से किसान पशु के लिए चारे की बुवाई एक साथ कर लेंगे। बारिश गन्ने की अगेती फसल को लाभदायक है, परंतु पछेती गन्ना बुवाई रपडा लगने से अंकुरित कम होगा, जिससे उत्पादन पर असर पड़ेगा। पछेती गन्ना निलाई गुलाई पर्याप्त नहीं होने से घास ज्यादा और गन्ने का जमाब कम होगा। जिससे उसके उत्पादन पर असर पड़ेगा।