बिजनौर। शुक्रवार शाम से ही मौसम ने करवट बदल ली। शुक्रवार और शनिवार मध्य रात्रि तेज हवा के साथ बारिश होनी शुरू हो गई। बारिश के साथ हवा चलने से तापमान में गिरावट हुई और ठंड में इजाफा हो गया। हवा और बारिश से गेहूं की फसल गिर गई। देर शाम तक आसमान में बादल छाए रहे। जिले में चार एमएम बारिश मापी गई। बारिश व हवा चलने से जिले के तापमान में 6.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई।
जनपद में शनिवार दिनभर रुक रुक कर जिले में बारिश होती रही है। बारिश और हवा से जनपद में बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई। बारिश से जनपद में तेजी से हो रही गन्ना बुवाई पर ब्रेक लग गया। पावर कोल्हुओं के संचालन भी प्रभावित हो गए हैं, वहीं आलू की खुदाई पर भी ब्रेक लग गया। किसान सोमेंद्र सिंह एवं लोकेंद्र सिंह का कहना है कि हवा के साथ बारिश से गेहूं की फसल गिर गई है। बारिश और हुई तो गेहूं की बाली पानी में पड़ी रहने से सड़ जाएंगी। इससे गेहूं के दाने काले पड़ जाएंगे और बाजार में उनके दाम अच्छे नहीं मिलेंगे।
किसान शीशपाल सिंह व सतपाल सिंह का कहना है कि गेहूं की फसल पकने को तैयार है। सरसों भी इसी स्थिति में है। बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, तो दोनों फसल बर्बाद हो जाएगी। क्षेत्र में आलू की खोदाई चल रही है। बारिश से उनकी खुदाई पर ब्रेक लग गया। ज्यादा बारिश से उन्हें भी नुकसान पहुंचेगा। भले ही जनपद में बहुत तेज बारिश न हुई, लेकिन टूटी सड़कों के गड्ढों में जलभराव होने से राहगीरों को परेशानी हुई। बारिश व हवा चलने से जिले के तापमान में 6.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। जनपद का अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस मापा गया। जबकि शुक्रवार को जनपद का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस मापा गया था।
मौसम प्रेषक सतीश कुमार का कहना है कि 20 मार्च तक मौसम खराब रहने की संभावना है। बारिश व हवा चलने से कहीं कहीं गेहूं की फसल गिर गई है।
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बोले अधिकारी
इस समय बारिश के साथ हवा चलने से गेहूं की फसल पर असर आएगा। परंतु इससे बचाव के लिए किसान फसलों की सिंचाई न करें। खड़ी फसल की कम से कम 20 मार्च तक कटाई न करें। क्योंकि खड़ी फसल में कम नुकसान होता है। कटी फसल को ऊंचे स्थान पर रखकर तिरपाल या पॉलीथिन से ढक दें। अगर छायादार स्थान हो, तो वहां पर रखें। - डॉ. अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी