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...हम कभी मुल्क के टुकड़े होने नहीं देंगे

Fri, 21 Oct 2016 12:56 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो
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नजीबाबाद के साहनपुर में मुशायरे में कलाम पेश करतीं शायरा। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के नजीबाबाद  में ऑल इंडिया मुशायरे में शायरों ने सामाजिक और राजनीति परिवेश से जुड़ी शायरी से सभी का दिल जीत लिया। घंटों तक मुशायरा चला।
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नगरपंचायत साहनपुर में चेयरमैन खुर्शीद मंसूरी की देखरेख में चौक बाजार साहनपुर मेें गंगा-जमुनी मुशायरा आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री अनीस मंसूरी, चेयरमैन नजीबाबाद मौअज्जम खां ने शमा रोशन की। शायर मौसूफ वासिफ और खुर्शीद हैदर की नात से शुरू हुए मुशायरे में शायरों ने दिल में उतरने वाले कलाम से सभी का दिल जीत लिया। अलीगढ़ से आईं शायरा रिहाना शाहीन का कलाम जिसकी मुद्दत से थी आरजू, वो बहारे खुशी मिल गई, इरशाद धामपुरी का कलाम चकबस्तो जगंनाथ की पहचान है उर्दू, ये कौन कह रहा है मुसलमान है उर्दू, मीसम भोपालपुरी का कलाम जिस्म के कितने भी हो जाए टुकड़े हमारे, हम कभी मुल्क के टुकड़े नहीं होने देंगे, शनावर किरतपुरी का कलाम न मेरी आन बाकी हो, न मेरी शान बाकी हो... कलाम सभी ने पसंद किया। चेयरमैन मौअज्जम खां की अध्यक्षता, महेंद्र अश्क और इरशाद धामपुरी के संचालन में आयोजित मुशायरे में अलीम वाजिद का कलाम रोज वायदा करते हैं, रोज भूल जाते हैं, मेरी जान निकलती है तो आप भूल जाते हैं, अलताफ जिया का कलाम जब ये पता चला मुझे आशिकी है क्या... भी श्रोताओं की दिल की धड़कन बना। मुशायरे में अकरम जलालाबादी, सरफराज साबरी, डॉ. इलयास अंसारी, अबुजर नवेद, मौलाना अकरम, शेर हुसैन उर्फी, साहिल माधोपुरी सहित अनेक शायरों ने कलाम पेश किए। चेयरमैन खुर्शीद मंसूरी, डॉ. आफताब नोमानी ने अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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