चांदपुर जलीलपुर क्षेत्र में छोईया नदी के पुल की टूटी अप्रोच सड़क।
- फोटो : BIJNOR
चांदपुर/जलीलपुर। करीब तीन माह पहले गंगा के पानी से कटी हस्तिनापुर गंगा पुल की अप्रोच सड़क को फिर से बनाने का काम शुरू नहीं हो सका। अभी भी लोग नाव के सहारे आवागमन कर रहें हैं। सड़क न होने के कारण रोजाना हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।
30 जुलाई को मेरठ के हस्तिनापुर व बिजनौर के जलीलपुर के बीच गंगा नदी पर बने पुल की अप्रोच सड़क धंस गई थी। बाद में पानी के तेज बहाव में सड़क बह गई, जिस कारण पुल और सड़क के बीच करीब 60 मीटर का खाली स्थान हो गया था। लोक निर्माण विभाग मेरठ इस साठ मीटर सड़क को करीब 100 दिन में भी नहीं बना पाया। इस समय गंगा में पानी भी कम है, फिर भी सड़क को बनाने का काम शुरू नहीं हो सका है। मेरठ जनपद के कई गांवों के किसानों की खेती की जमीन पुल से इधर बिजनौर की तरफ है। गन्ना पेराई सीजन शुरू हो गया है। आवागमन का रास्ता बंद होने के चलते हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।
छोईया नदी के पुल पर हो सकता हैं हादसा, अप्रोच सड़क खोखली है
जलीलपुर हस्तिनापुर मार्ग पर छोईया नदी के पुल के निकट करीब तीन माह पहले सड़क धंसकर गहरा गड्ढा बन गया था। अमर उजाला ने इसको प्रमुखता से प्रकाशित किया था मगर लोक निर्माण विभाग मेरठ तीन माह में भी इस गढ्ढा की मरम्मत नहीं करा सका। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा नदी पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यदि किसी वाहन का पहिया इस गड्ढे में गिर गया तो बड़ा हादसा हो सकता हैं। अप्रोच सड़क के नीचे अंदर अंदर गहरा गड्ढा बना हुआ जो ऊपर से दिखाई नहीं दे रहा हैं। किसी भी भारी वाहन से सड़क अचानक धंस सकती हैं।