- बारिश पड़ने से खतरे के निशान के पास पहुंचा नदियों का जलस्तर
- जलस्तर बढ़ने से नदियां करने लगीं कटान, सोमवार को पांच मिमी दर्ज हुई वर्षा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे आसपास के क्षेत्रों को खतरा है। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया। बारिश और जलस्तर बढ़ने से हस्तिनापुर गंगा पुल की अप्रोच टूट गई है। जिससे आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सोमवार को जिलेभर में पांच मिमी बारिश हुई।
जिले में पिछले चार दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। सोमवार को भी पांच मिमी बारिश हुई। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए थे। दोपहर करीब दो बजे हल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे मौसम में उमस बढ़ गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम में आर्द्रता 88 रही। नगीना स्थित कृषि वेधशाला के प्रेषक सतीश कुमार के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की पूरी संभावना है। बारिश होने के बाद ही गर्मी से काफी हद तक राहत मिलेगी। आगामी एक सप्ताह तक बारिश के आसार हैं।
बैराज में जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर नीचे
बिजनौर बैराज में 220 मीटर पर खतरे का निशान है। अगर इससे ऊपर जलस्तर पहुंचता है तो आसपास के क्षेत्रों को काफी नुकसान होगा। वर्तमान में बिजनौर बैराज का जलस्तर 219 मीटर चल रहा है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बैराज का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर ही नीचे है। बिजनौर बैराज से 42,961 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
नदियों के जलस्तर का आंकड़ा
नदियां- जलस्तर
हरिद्वार बैराज- 291 मीटर
बिजनौर बैराज- 219 मीटर
खो बैराज- 224 मीटर
कालागढ़ डैम- 332 मीटर
पीली डैम- 823 फीट
तुमरिया डैम- 833 फीट
एसडीएम ने किया गंगा किनारे के गांवों का भ्रमण
मंडावर। बिजनौर सदर एसडीएम मोहित कुमार ने मंडावर क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांवों का भ्रमण किया। क्षेत्र के गांव चंद्रभानपुर किशाेर स्थित गलखा देवी मंदिर से गंगा 150 मीटर दूर ही कटान कर रही है। इस मंदिर पर जिलेभर के लोग पूजा करने आते हैं। गंगा के तीव्र कटान को देखते हुए एसडीएम मोहित कुमार ने कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग को पत्र जारी किया। साथ ही ग्रामीणों को गंगा पार नहीं करने के लिए निर्देशित किया। एसडीएम ने बताया कि डैबलगढ़, कुंवरपुर, चतरभोज, सीमला व सीमली, दयालवाला, नारायणपुर, बालावाली, रावली, ब्रह्मपुरी आदि गांवों को गंगा कटान से खतरा है। बिजनौर तहसील में सात बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं।