संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। ब्लाॅक परिसर में कई दशक पहले बने सरकारी आवास खंडहर हो चुके हैं, लेकिन फिर भी कई विभागों के कर्मचारी अपनी जान को जोखिम में डाल इनमें रह रहे हैं। ब्लाॅक प्रमुख क्षमा हेमलता चौहान का कहना है कि विभाग की ओर से कई बार संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को आवासों को खाली कराने के लिए प्रत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन कर्मचारी आवासों को खाली नहीं कर रहे हैं। उन्होंने हिदायत दी कि इन आवासों में कोई हादसा होता है तो इसके लिए विभाग जिम्मेदार नहीं होगा।
ब्लॉक प्रमुख ने बुुधवार को बताया कि ब्लाॅक परिसर में कई दशक पहले करीब दो दर्जन सरकारी आवास बने थे। इन आवासों में विकास विभाग के अलावा स्वास्थ्य और कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी भी रहते हैं। वर्तमान में सभी आवास खंडहर में तब्दील हो चुके हैं, मामला संज्ञान में आने के बाद उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। पत्रों में साफ किया गया है कि अब यह आवास किसी भी दशा में रहने योग्य नहीं हैं। अच्छा है कि इन आवासों को खाली कर कहीं दूसरी जगह रह लिया जाए।
खंड विकास अधिकारी मनीष दत्त शर्मा ने भी ऐसा ही कहा है। उन्होंने बताया कि खंडहर भवनों के संबंध में कुछ माह पहले जिला विकास अधिकारी को पत्र भेजा गया है। धामपुर पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. बीके स्नेही का कहना है कि इस बाबत ब्लाॅक से पत्र प्राप्त हुआ है। उनके स्तर से संबंधित कर्मचारियों को पत्र का हवाला देते हुए अवगत कराया जा रहा है।