- अभिनय की ऊंचाइयां छूत रहा धामपुर का कलाकार
- नई फिल्म ‘एक ही बंदा’ को मिल रही भरपूर प्रशंसा
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सतीश शर्मा
धामपुर। अभिनय के क्षेत्र में छोटे शहर से बड़े सपने लेकर धामपुर निवासी युवक विवेक सिन्हा अब तक पीके सहित कई फिल्मों, सीरियलों और एड फिल्मों में नाम कमा रहे हैं। इसी सप्ताह रिलीज हुई मनोज वाजपेयी की चर्चित फिल्म ‘ सिर्फ एक ही बंदा...’ में साधू की नकारात्मक भूमिका के बाद विवेक सिन्हा फिर से चर्चाओं में हैं। इससे पहले ओटीटी की मशहूर फिल्म तांडव में भी विवेक ने अपनी आवाज के लिए बहुत ख्याति अर्जित की है।
विवेक ने सोमवार को वार्ता में कहा कि किसी भी मंजिल को पाने के लिए संघर्ष की जरूरत होती है। बगैर संघर्ष के सफलता का मिलना संभव नहीं होता है। उनके जीवन में काफी लोगों का योगदान रहा है। मोहल्ला खातियान निवासी स्व. कृष्णवीर सिन्हा , शोभा सिन्हा के सुपुत्र विवेक सिन्हा बताते हैं कि उनकी ने प्रारंभिक शिक्षा धामपुर में ही हुई। बचपन से ही स्कूल और संस्थाओं में अभिनय करके अपने सपनों की पुख्ता नींव तैयार कर ली थी। उन्हाेंने ने मंडी (हिमाचल प्रदेश) से थियेटर में डिप्लोमा प्राप्त किया। बाद में एलटीजी रिपेटरी से एक वर्ष का कोर्स करके बीते 17 वर्षों से दिल्ली में रहकर फिल्में और सीरियल कर रहे हैं। एक ही बंदा फिल्म के हिट होते ही विवेक सिन्हा फिर चर्चाओं में हैं। (संवाद)
विवेक की प्रमुख फिल्में
उनका कहना है कि वह अब तक कई फिल्मों में काम कर चुके हैं। इन फिल्मों में सिर्फ एक ही बंदा के अलावा आमिर खान की पीके, सैफ अली की तांडव, वाॅलीबुड डायरी, मदारी, सेट चांस (हाॅलीवुड) पिकअप आर्टिस्ट, पीरियड चार्ट, मोदी की बेटी। इसके अलावा मेरे पापा, हीरो हीरा लाल, तेनालीराम और टेल्स ऑफ लांबा जैसे सीरियल बहुत चर्चित रहे। अनेक एड फिल्मों में भी लगातार सक्रिय रहते हैं। अभिनय के अलावा हमारा कबीर फिल्म और एक एड फिल्म में निर्देशन भी किया है। शिव शम्भू वीडियो सांग में भी विवेक साधू बने हैं।
अक्षर संस्था का रहा विशेष योगदान
विवेक सिन्हा का कहना है कि उन्होंने धामपुर में नाटक क्षेत्र में अक्षर संस्था के संयोजक सत्यराज और पूर्व अध्यक्ष नीरजा सिंह का विशेष योगदान मिला। अभिनय क्षेत्र में उन्होंने उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। कहा कि मेरे ऊपर उनका आज भी अपार आशीर्वाद है।