बिजनौर। बदलते मौसम के साथ ही लोगों को एलर्जी की समस्या बढ़ रही है। बच्चे लेकर बुजुर्ग तक इसकी चपेट में आ रहे हैं। नाक, कान, गले में होने वाली बीमारियां में सबसे आम बीमारी एलर्जी है। धूल, धुएं, परफ्यूम या अन्य किसी भी फल, फूल, मसालों से भी हो सकती है। वहीं, विटामिन बी12 की कमी से लोगों के गले के छाले होने की समस्या भी हो रही है। ऐसे में हेलो डॉक्टर कार्यक्रम में लोगों ने ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अंशु सिंह से फोन पर बात कर समस्याएं साझा की। डॉ. अंशु सिंह ने विटामिन बी 12 की कमी दूर करने के लिए शाकाहारी लोगों को दही खाने की सलाह दी।
सवाल: नाक में गंदा पानी जम जाता है, साफ करने पर नाक में दर्द होता है।(योगेंद्र, वाजीदपुर इनामपुरा)
जवाब: इंफेक्शन की समस्या हो सकती है, नाक में फुंसी होने से भी यह परेशानी हो जाती है।
सवाल: गले चार महीने से दिक्कत है, आवाज भारी हो गई है, छींक बहुत आती हैं।(उषा मिश्रा, बिजनौर)
जवाब: एलर्जी और सूखे जुकाम का असर है, गर्म पानी की भाप लें और धीरे-धीरे बात करें।
सवाल: उनकी पांच साल की पोती है, उसके गले में टॉन्सिल हैं(मनोज कुमार, नजीबाबाद)
जवाब: इंफेक्शन की वजह से यह समस्या हो सकती है, अस्पताल आकर बच्चे की जांच कराएं, ऐसे प्रकरण में सर्जरी भी करनी पड़ सकती है
सवाल: उनकी पत्नी को छींक बहुत आती हैं, झनझनाहट होती है।(मान सिंह, जहानाबाद)
जवाब: धूल, धुएं, परफ्यूम से एलर्जी हो सकती है, इन चीजों से बचाव करें।
सवाल: गले में दर्द रहता है। (दीपक सोलंकी, शेरपुर कल्याण)
जवाब: नमक-पानी में एक चुटकी खाने वाला सोडा डालकर गुनगुने पानी से गरारे करें।
सवाल: उनकी 12 साल की बेटी को छींक बहुत आती है। (राहुल अग्रवाल, धामपुर)
जवाब: मौसम में बदलाव की वजह से एलर्जी हो सकती है, इससे से बच्ची को ज्यादा छींक आने की समस्या है।
सवाल: कान में एक साल से सिटी बजती है, सोते समय ज्यादा सुनाई देती है। (हुसना, बिजनौर)
जवाब: टिनिटस बीमारी में सिर्फ मरीज को ही कान में सिटी बजती हुई सुनाई देती है, इस आवाज से थोड़ा ध्यान भटकाएं।
सवाल: पिछले एक साल से सोते समय खर्राटे बहुत आते हैं।(रोहित, बिजनौर)
जवाब: वजन बढ़ने से गले के नीचे भी चर्बी बढ़ती है। ऐसे में सोते समय जबड़े के नीचे की चर्बी जीभ को पीछे की ओर धकेलती है। इससे भी खर्राटे आते हैं।
सवाल: गले में दाने होे रहे हैं, ठीक नहीं होते हैं। शुगर भी है। (फरीदा, चाहशीरी)
जवाब: विटामिन बी 12 की कमी से भी गले में दाने हो सकते हैं, दही खाएं और अस्पताल में जांच भी करा लें।
सवाल: उनका 18 साल का बेटा है, आंख और कान में खुजली बहुत आती है।(स्वाति गुप्ता, कोतवाली देहात)
जवाब: यह बीमारी एलर्जिक राइटिस है, धूल से एलर्जी हो सकती है। इससे बचाव के लिए बच्चे को व्यायाम कराएं, जिससे पसीना निकले और सांस भी फूले।
सवाल: कान में सफेद परत जम जाती है, खुजली होती है। (ब्रजपाल सिंह, झालू)
जवाब: यह एक तरह का वैक्स है, कान में सफाई के लिए ईयरबड्स न डालें, इसके स्थान पर ऑयल बेस्ड ईयर ड्राप का इस्तेमाल करें।
सवाल: गले में दर्द की समस्या रहती है। (नौबहार सिंह, राजोपुर सादात)
जवाब: नमक-पानी में एक चुटकी खाने वाला सोडा डालकर गुनगुने पानी से गरारे करें और जुकाम होने पर लौंग डालकर गर्म पानी की भाप लें।
सवाल: उनके 14 साल के बेटे की आंख और नाक में एलर्जी है और मुंह खोलकर सोता है। (अलका, गढ़ी)
जवाब: नाक के पीछे मांस जमा होने की संभावना है। धूल, धुएं और परफ्यूम से भी एलर्जी हो सकती है।
सवाल: उनकी उम्र 80 वर्ष है, गले से खाना नहीं निगला जाता है। (रमेशचंद्र, चांदपुर)
जवाब: खाने को चबाकर खाएं, दलिया खाएं।
सवाल: गले में कफ रहता है, कान में धम्म-धम्म की आवाज आती है। (मिनाक्षी, धामपुर)
जवाब: नजले की समस्या हो सकती है, इससे कान बंद हो रहे हैं।
सवाल: उसका 12 साल का लड़का है, छींक बहुत आती है और नाक से खून और पीला बलगम भी आया। (मुकेश, बिजनौर)
जवाब: इंफेक्शन हो सकता है, जिला अस्पताल आकर बच्चे की जांच कराएं।
सवाल: उनकी बहन की उम्र 50 साल है, उन्हें छींक बहुत आती है। (सुमन वर्मा, नजीबाबाद)
जवाब: उन्हें किसी चीज से एलर्जी है, कपड़ों को सुखाकर पहनाएं और व्यायाम करें।
सवाल: उनकी उम्र 62 साल है, पिछले 10 सालों से सुनाई कम होता है, मशीन भी काम नहीं कर रही है। (हरीशचंद्र, धामपुर)
जवाब: पहले कान बहने की समस्या से सुनने की क्षमता प्रभावित हुई। मशीन में भी दिक्कत हो सकती है, इसलिए, एक बार अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं।
सवाल: छींक बहुत आती हैं, बदलते मौसम में यह समस्या अधिक होती है। (मंजू, जहानाबाद)
जवाब: घर से बाहर निकलने पर सर्जिकल मास्क का प्रयोग करें। तापमान में बदलाव होने पर बाहर नहीं निकलें।
सवाल: मुंह में छाले होने की समस्या है। (अवधेश यादव, चांदपुर) उसकी 23 साल उम्र है, मुंह में बहुत छाले हैं। (ज्योति रानी, बिजनौर)
जवाब: विटामिन बी12 की कमी से यह समस्या होती है, दही खाएं। नमक-पानी का कुल्ला करें। हल्का खाना खाएं, दही का सेवन करें।