बिजनौर के रामलीला मैदान में जलता रावण का पुतला संवाद
- जिले में 100 स्थानों पर जलाए गए रावण और मेघनाद के पुतले
- 26 जगहों पर धूमधाम से निकली गई शोभायात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले भर में विजयदशमी का उत्सव आस्था और उल्लास से मनाया गया। दोपहर तक घरों में दशहरा पूजन का सिलसिला चला। श्रद्धालुओं ने पूजन करते हुए मंगल कामना के साथ अग्नि में आहुतियां दी। वहीं, शस्त्रों का पूजन भी किया गया। जिले में 72 जगहों पर मेलों का आयोजन हुआ। रावण और मेघनाद के पुतलों का दहन होते ही जय श्री राम के जयकारे गूंजे।
शनिवार को दशहरे का पर्व धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने अपने घरों में परिवार के संग परंपरागत तरीके से दशहरा पूजन किया। पूजन के वक्त राम के राजतिलक और अयोध्या में उत्सव की कथा को पढ़ा। कन्याओं ने अपने परिवार के लोगों के कानों पर नौरते रखें।
पूजन करने के बाद लोगों ने दशहरा मेलों की तरफ रुख किया। शाम ढलने पर रावण और मेघनाद के पुतलों का दहन देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। जिले में 100 जगहों पर रावण के पुतलों का दहन किया गया। 26 स्थानों पर शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान जिलेभर में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैनात रही।
बच्चों ने खरीदे खेल-खिलौने, खूब लिया आनंद
रामलीला मैदानों में लगे मेले में बच्चों ने खेल खिलौने खरीदे। पिता के कंधे पर बैठकर तमाम बच्चे पीपी बजाते हुए देखे गए। चाट पकौड़ी और जलेबी का स्वाद चखा। जलेबी की दुकानों पर भी काफी भीड़ दिखाई दी।