- 23 नबंबर को होगा गंगा स्नान मेले का शुभारंभ, 27 को मुख्य स्नान
- जिला पंचायत अध्यक्ष ने मेला स्थल पर पहुंचकर की समीक्षा बैठक, तैयारियों को लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विदुरकुटी के पास गंगा तीरे तंबुओं का शहर आबाद होने लगा है। मेला स्थल पर रास्ते बनकर तैयार हो गए हैं, पथ प्रकाश के लिए लाइनें बनाई जा रही हैं। तंबू लगाए जाने का काम भी चालू हो गया है। तैयारियों के क्रम में मेला स्थल पर ही समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी साकेंद्र प्रताप सिंह ने तैयारियों का जायजा लिया।
बता दें कि 23 नवंबर को मेले का उद्घाटन किया जाएगा। करीब चार दिनों तक चलने वाले मेले में मुख्य गंगा स्नान 27 नवंबर को होना है। मेले में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है, जोकि तंबू लगाकर दो से तीन दिनों तक ठहरते हैं। हालांकि तमाम लोग मुख्य गंगा स्नान की पूर्व संध्या पर ही पहुंचते हैं।
मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। करीब 80 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। मेला स्थल तक पहुंचने के लिए ढाई-ढाई किलोमीटर लंबे दो रास्ते तैयार किए गए हैं। मेला परिसर के अंदर भी मार्ग तैयार हो गए हैं। फिलहाल पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए लाइन बनाई जा रही हैं।
उधर, समीक्षा बैठक के दौरान जिला पंचायत के अभियंता कपिल देव, अवर अभियंता राजेश कुमार यादव, नवीन कुमार, सुशील कुमार, प्राशनिक अधिकारी नाहर सिंह, विनोद राठी, धर्मेन्द्र सिंह, इलम सिंह, पूर्व प्रधान रिंकू सिंह, धर्मा राम सिंह आदि मौजूद रहे।
चार लाख वर्ग मीटर रहेगा मेले का दायरा
इस बार मेला चार लाख वर्ग मीटर में रहेगा। पिछले साल के मुकाबले करीब पचास हजार वर्ग मीटर ज्यादा है। ऐसे में मेला स्थल पर श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए ज्यादा जगह मुहैया होगी। लोगों को डेरा बनाने के लिए आसानी होगी। इस बार भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए मेले का दायरा बढ़ाया गया है।
मेले की भव्यता में लगेंगे चार चांद
इस बार मेले को और अधिक भव्य बनाने की तैयारी है। क्योंकि पिछले साल केवल एक दिन ही सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए थे, इस बार दो दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जाएंगे। लेजर शो भी दो दिनों तक होगा। इससे मेले की भव्यता और अधिक बढ़ जाएगी।