बिजनौर। गांव में हैंडपंप रिबोर का भुगतान करने की एवज में पंद्रह हजार रुपये की डिमांड करने के आरोप में ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। ठेकेदार और ग्राम विकास अधिकारी के बीच हुए घटनाक्रम का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें ग्राम पंचायत अधिकारी और ठेकेदार के बीच जमकर गाली-गलौज भी सुनाई दे रही है।
शुक्रवार को जिला विकास अधिकारी रचना गुप्ता ने नजीबाबाद ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी अरविंद सिंह को निलंबित कर दिया। उनकी ओर से जारी निलंबन पत्र में कहा गया कि एक वीडियो मुख्य विकास अधिकारी को भेजा गया था। जिसमें ठेकेदार की ओर अरविंद सिंह पर किसी कार्य का भुगतान करने के लिए पंद्रह हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। ग्राम विकास अधिकारी ने ठेकेदार के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार भी किया।
बता दें कि इससे पहले भी प्रधानों और कर्मचारियों से अभद्रता के मामले में चेतावनी दी गई थी। अब ठेकेदार और ग्राम पंचायत अधिकारी अरविंद सिंह के बीच हुई हुई बातचीत का वीडियो वायरल हुआ है।
- लटका रखा था हैंडपंप रिबोर का भुगतान
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला नजीबाबाद के गांव कल्हेड़ी का है। जहां हैंडपंप रिबोर किए गए थे, जिनका भुगतान ठेकेदार को नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि डिमांड पूरी नहीं होने पर भुगतान लटका कर रखा गया।
- बड़ी पंचायतों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे वीडीओ
जिस ग्राम पंचायत अधिकारी अरविंद सिंह को निलंबित किया गया है, उनके पास नजीबाबाद ब्लॉक की महत्वपूर्ण और भारी भरकम बजट वाली पंचायतों की जिम्मेदारी थी। जिनमें कल्हेड़ी, अहमदपुर सादात, हीमपुर पछातपुरा, रानी कोटा आदि शामिल है। जबकि ये पंचायतें कलस्टर और भौगोलिक रूप से भी अलग-अलग जगहों पर हैं। सूत्रों का दावा है कि नजीबाबाद ब्लॉक में एक दशक से भी ज्यादा समय से पंचायत सचिव और ग्राम विकास अधिकारी जमे हुए हैं।