- बाघ की खाल और हड्डी के साथ एक पखवाड़े पूर्व खटीमा में पकड़े गए थे आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
रेहड़ (बिजनौर)। तराई पूर्वी वन प्रभाग और विशेष कार्य बल उत्तराखंड एक की टीम ने एक पखवाड़े पूर्व बाघ की खाल हड्डी के साथ खटीमा में पकड़े गए वन्यजीव तस्करों के मामले में अमानगढ़ में जांच की। इस मौके पर यूपी व उत्तराखंड के विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
एसडीओ खटीमा संतोष पंत ने बताया कि दो सप्ताह पूर्व कुमाऊं एसटीएफ प्रभारी एमपी सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ और तराई पूर्वी वन प्रभाग की एक टीम ने खटीमा टोल प्लाजा से कार सवार कृष्ण कुमार निवासी बगीचा, गजेंद्र सिंह, हरीश कुमार तथा संजय कुमार निवासीगण गोठी कालिका, थाना धारचूला जनपद पिथौरागढ़ को एक बाघ की खाल और 15 किलो बाघ की हड्डी के साथ गिरफ्तार किया था।
पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया था कि वह काशीपुर उत्तराखंड से खरीद कर इसे खटीमा बेचने ले जा रहे थे। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान अमानगढ़ रेंज के ढेरी में रहने वाले वन गूर्जर शमशाद उर्फ बाबू का नाम भी प्रकाश में आया था। जिस पर 27 जुलाई को हिरासत में लेकर की गई पूछताछ में शमशाद ने बताया कि उसने अपने साथियों के मदद से अमानगढ़ रेंज में बाघों के अंगों को दबाया है। जिस पर टीम आरोपी को लेकर अमानगढ़ पहुंची तथा आरोपी की निशानदेही पर साक्ष्यों का संकलन किया साथ ही मिट्टी के सैंपल भी लिए।
इस मौके पर जांच में टीम में रेंजर तराई पूर्वी महेश जोशी, मनोज पांडेय, महेंद्र रैकुनी, पशु चिकित्सक आयुष उनियाल तथा बायोलोजिस्ट प्रशांत कुमार सहित अमानगढ़ स्टाफ मौजूद रहा।