बिजनौर जिले में चादंपुर पुलिस ने एक नाबालिग को न सिर्फ जेल भेज दिया, बल्कि उस पर गुंडा एक्ट लगाने की संस्तुति तक कर डाली। थानेदार से लेकर एसपी तक सभी ने उसकी फाइल पर संस्तुति कर दी। फाइल में नाबालिग की उम्र भी 23 साल दर्शा दी। मामला एडीएम वित्त एवं राजस्व की कोर्ट में पहुंचा तो पुलिस का कारनामा सामने आ गया। उसके वकील ने हाईस्कूल की मार्कशीट दिखाकर एफआईआर और गुंडा एक्ट की संस्तुति के समय नाबालिग होने का दावा किया।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार की कोर्ट में चल रहे केस के अनुसार चांदपुर थाना क्षेत्र के गांव कुलचाना निवासी जय सिंह के पुत्र परीक्षित पर 11 मार्च 2020 में छेड़छाड़ की धारा समेत पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज हुआ। इसके बाद युवक को जेल भेज दिया गया, बाद में उसकी जमानत हो गई। पुलिस ने अपने रिकॉर्ड में उसकी उम्र 23 साल दर्शायी और कुछ दिन बाद ही उस पर गुंडा एक्ट की संस्तुति कर दी। फाइल डीएम कार्यालय पहुंची और वहां से केस एडीएम वित्त एवं राजस्व कोर्ट में पहुंच गया।
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एडीएम अरविंद कुमार सिंह ने युवक को नोटिस जारी कर इस पर जवाब मांगा। युवक के वकील ने एडीएम कोर्ट में हाईस्कूल की मार्कशीट दाखिल की और उसके नाबालिग होने का दावा किया। एडीएम अरविंद कुमार सिंह ने शासन के नियमों का हवाला देते हुए गुंडा एक्ट की कार्यवाही को निरस्त कर दिया।
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नाबालिग पर गुंडा एक्ट नहीं लग सकता : एडीएम
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षित पर जब एफआईआर दर्ज हुई और जब गुंडा एक्ट की कार्रवाई की संस्तुति हुई, तब वह नाबालिग था। उसकी हाईस्कूल की मार्कशीट देखी गई है। थाना स्तर पर यह चूक कैसी हुई, इसके लिए स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।