फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: नगीना विधायक मनोज पारस को कोर्ट ने भेजा जेल, जारी हो चुका था गैर जमानती वारंट, जाने क्या है मामला

Tue, 09 Sep 2025 10:39 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

Bijnor News: गांव रसीदपुर गढ़ी के रहने वाले छतर सिंह ने सपा विधायक मनोज पारस समेत अन्य के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज कराया था। इसी मामले में मनोज पारस वांछित थे। 
विज्ञापन
मनोज पारस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एमपी-एमएलए कोर्ट ने मंगलवार को नगीना से समाजवादी पार्टी के विधायक मनोज पारस को जेल भेज दिया। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद वे कोर्ट में पेश हुए थे।

विज्ञापन


शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव रसीदपुर गढ़ी के रहने वाले छतर सिंह ने कोर्ट में बाद दायर किया था, जिसमें कहा था कि 29 सितंबर 2020 की शाम अपनी रिश्तेदारी नांगल जट में स्कूटी से जा रहे थे। रेलवे फाटक के पास पहुंचते ही पीछे से एक कार आई और सामने आकर स्कूटी को रोक लिया। 

स्कूटी से उतरने के बाद गाड़ी के पास पहुंचे तो पूर्व मंत्री मूलचंद, उनके बेटे अमित निवासी धामपुर, कपिल गुर्जर, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष झालू रशीद, रफी सैफी और मनोज पारस ने गालीगलौज की। साथ ही मुकदमे में पैरवी न करने की धमकी दी। जान से मारने के लिए उसके सीने में चाकू से वार कर दिया। मारपीट करने के बाद आरोपी फरार हो गए। मामले में थाने में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
विज्ञापन


इस मामले में नगीना से विधायक मनोज पारस के गैर जमानती वारंट चल रहे थे। वारंट के चलते नगीना विधायक मनोज पासर ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

बता दें कि उक्त मुकदमा के वादी छतर सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे। उक्त चुनाव में छतर सिंह ने अपने पक्ष में जिला पंचायत के सदस्यों को उत्तराखंड के एक होटल में एकत्र कर रखा था। उक्त होटल से समाजवादी पार्टी के लोग जिला पंचायत सदस्यों को ले आए थे। हालांकि इस चुनाव में छतर सिंह को हार का मुंह देखना पड़ा था। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें