वहीं जलालपुर और सिकंदरपुर की घटना में समानता दिखने पर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों घटनाएं एक ही गुलदार ने की हैं। बीते बृहस्पतिवार की शाम जलालपुर के जंगल में गुलदार ने 20 वर्षीय संदीप को मार दिया था।
बुधवार शाम गांव सिकंदरपुर में ग्रामीण के शरीर के एक हिस्से को जिस तरह से गुलदार खा गया उससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि संभवत दोनों घटनाओं का अपराधी एक ही गुलदार है। क्योंकि जलालपुर में भी गुलदार ने घटना को कुछ इस तरह ही अंजाम दिया था।
पिछले छह दिनों से वन विभाग की पूरी टीम गांव जलालपुर, तेलीपुरा व आसपास के जंगल में गुलदार को ढूंढ रही थी और गुलदार करीब पांच किलोमीटर दूर सिकंदरपुर पहुंच गया। ग्राम तेलीपुरा, जलालपुर, बिंजाहेड़ी, अलीपुरा, हाजीपुर के बाद सिकंदरपुर गांव आता है। वन विभाग की टीम जलालपुर व तेलीपुरा में लकीर पीटती रही और नरभक्षी गुलदार ने एक अन्य घटना को अंजाम दे दिया।
ग्रामीण की मौत पर जाम लगाते लोग
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मौत के मुंह में ले गया एक गठरी घास का लालच
ब्रह्मपाल को एक गठरी घास का लालच मौत के मुंह तक ले गया। ब्रह्मपाल बुधवार की सुबह करीब सात बजे अपने खेतों पर पशुओं के लिए घास लेने गए थे। वह अकेले ही चारा काट रहे थे। करीब 10 बजे वे एक गठरी घास लेकर घर आ गए, लेकिन उस समय आसमान में बादल छाए थे और हवा में भी थोड़ी ठंडक थी।
ब्रह्मपाल को लगा कि मौसम ठीक है और अभी दोपहर भी नहीं हुई है। वह दोबारा एक और गठरी घास लेने खेतों पर पहुंच गए। दोपहर जब वे घर नहीं लौटे तो घरवालों को चिंता हुई। दोपहर बाद घर के लोग उन्हें तलाशने निकल गए। खेत पर उनकी शर्ट पड़ी मिली, जिस पर खून लगा था। आसपास तलाशते समय करीब 200 मीटर दूरी पर ब्रह्मपाल का खाया हुआ शव पड़ा मिला। गुलदार ब्रह्मपाल को खींचकर वहां ले गया था।