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बिजनौर: कड़ी चौकसी में हुईं यूपी बोर्ड की परीक्षाएं

Fri, 17 Feb 2023 12:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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बिजनौर। यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में कड़ी चौकसी रही। शासन के नकलविहीन परीक्षा कराने के निर्देशों का असर दिखाई दिया । जिसके चलते पहले दिन दोनों पाली में 5000 से अधिक विद्यार्थी ने परीक्षा छोड़ी। स्टेटिक मजिस्ट्रेट तय समय से पहले ही आवंटित परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। सचल दल भी परीक्षा शुरू होने से करीब डेढ़ घंटे पहले सक्रिय हो गए।प्रशासन की परीक्षा केंद्रों की घेराबंदी के चलते पहले दिन कोई नकलची नहीं मिला।
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यूपी बोर्ड परीक्षा 133 केंद्रों पर शुरू हुई। सभी केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात थे। जो सुबह सात बजे परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए जिले को 19 सेक्टर व पांच जोन में बांटा गया था। सेक्टर मजिस्ट्रेट वह जोनल मजिस्ट्रेट सुबह से ही निगरानी में जुट गए। मजिस्ट्रेटों ने स्ट्रांग रूम खुलने के समय व प्रश्नपत्रों के पैकेट खोलने पर विशेष निगाह रखी। छह सचल दलों ने सुबह साढ़े छह बजे ही आवंटित क्षेत्रों की कमान संभाल ली थी। सचल दल परीक्षा समाप्त होने के समय 11.15 बजे तक सक्रिय रहे। दूसरी पाली दोपहर बाद दो बजे शुरू हुई। मजिस्ट्रेट,व सचल दल शाम साढ़े पांच तक डटे रहे। उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों को सील करने पर निगाह रही। जिला कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्रों से लगातार निगरानी होती रही।
दोनों पाली में 5249 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे
पहले दिन पहली पाली में हाईस्कूल हिंदी का पेपर था। परीक्षा में 51086 संस्थागत व व्यक्तिगत विद्यार्थी पंजीकृत थे। 48569 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। 2517 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली में इंटर सैन्य विज्ञान के पेपर में 195 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। 180 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। मात्र 15 अनुपस्थित रहे। हाईस्कूल व इंटर में मिलाकर कुल 2532 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में इंटर हिंदी व सामान्य हिंदी का पेपर था। हिंदी में पंजीकृत 1680 परीक्षार्थी में 14832 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। 1248 परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं आए। सामान्य हिंदी में 26637 परीक्षार्थी पंजीकृत थे।25168 परीक्षार्थी ने परीक्षा दी। 1469 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार दूसरी पाली में 2717 परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं आए। पहले दिन दोनों पाली में मिलाकर परीक्षा छोड़ने वाले परीक्षार्थियों की संख्या 5249 रही।
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तलाशी में परीक्षार्थियों को नहीं किया गया परेशान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश थे कि परीक्षार्थियों को तलाशी के नाम पर परेशान नहीं किया जाए। परीक्षा केंद्रों पर बोर्ड के तय नियमों के अनुसार परीक्षार्थियों की तलाशी ली गई। आरोप है कि पिछले सालों में बोर्ड परीक्षा के दौरान तलाशी के नाम परेशान किया जाता रहा है। जिससे विद्यार्थियों की पेपर हल करने है की एकाग्रता भंग होती थी। परंतु इस बार परीक्षा देकर आए विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने आराम से परीक्षा दी है। तलाशी के नाम पर परेशान नहीं किया गया।
हिंदी के पेपर में बल्ले बल्ले
यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल व इंटर का पेपर स्कोरिंग रहा। सवाल आसान आए। परीक्षार्थियों के अनुसार हिंदी के पेपर में प्रथम श्रेणी नंबरों की भरमार रहेगी। प्राप्तांक की सामूहिक मेरिट बढ़ाने में मदद मिलेगी। परीक्षार्थी पेपर देने के बाद खुश थे। कहा कि हाईस्कूल के पेपर में सभी कुछ पढ़ा हुआ आया। व्याकरण में नियम सूत्रों का प्रयोग किया। इसलिए व्याकरण में गणित की तरह पूरे नंबर आएंगे। निबंध आसान थे। अधिकांश परीक्षार्थी ने - पर्यावरण प्रदूषण व बेरोजगारी की समस्या - पर निबंध लिखा। विद्यार्थियों का कहना था कि निबंध का कक्षा में खूब अभ्यास किया था।
इंटर के पेपर में अर्थ, जीवनी, व्याकरण, निबंध, खंड काव्य, आदि सभी कुछ आसान था। इंटर में भी पर्यावरण पर निबंध आया। इंटर की छात्रा इलमा व ज्योति का कहना था कि निबंध रटा हुआ था। कक्षा नौ से लगातार लिख रहे हैं। पेपर का पेटर्न कक्षाओं में बताया गया था। बोर्ड से जारी सैंपल पेपर्स ने संजीवनी का काम किया।इसलिए पेपर निर्धारित समय में हर हो गया। निबंध भी रोचक था । निबंध लिखने में शिक्षकों के बताए गुर काम आए।
ये कहना है परीक्षार्थियों का
- पेपर कोर्स में से था। कक्षा में सवालों को खूब दोहराया।
- बोर्ड के सैंपल पेपर्स से सवालों के लिए आवंटित अंकों का पता चला। - पेपर का पेटर्न पता होने से सवाल तय समय से पहले ही हल हो गए।- बहुविकल्पीय सवाल आसान रहे। ओएमआर शीट भरने में नहीं आई कोई दिक्कत
हाईस्कूल की परीक्षा देने वाले गरिमा, अंशिका, खुशबू, हर्ष व आदित्य के अनुसार पेपर में 20 नंबर के बहुविकल्पीय प्रश्न थे। जिनके जवाब ओएमआर शीट पर दिए। कहा कि वे कक्षा नौ से ओएमआर शीट भरते आ रहे हैं। प्री बोर्ड परीक्षा में भी बहुविकल्पीय सवाल के जवाब ओएमआर शीट पर दिए थे। इसके बाद कक्षाओं में ओएमआर शीट भरने का अभ्यास कराया गया। जिसके चलते ओएमआर शीट भरने में कोई दिक्कत नहीं हुई। गौर तलब है की बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में पहली बार ओएमआर शीट का प्रयोग हो रहा है।
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