बिजनौर। यूपी बोर्ड परीक्षाओं में अब हिन्दी में भी अंक बटोरना आसान रहेगा। दरअसल, हिन्दी में गणित की तरह स्कोरिंग रहेगी। यदि विद्यार्थी विषय विशेषज्ञों के सुझावों को दृष्टिगत रखते हुए तैयारी करें तो विशेष योग्यता अंक आसानी से आ सकते हैं।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिजनौर की प्रधानाचार्या एवं इंटर कक्षाओं को हिंदी विषय पढ़ाने वाली डाॅ. निर्मला शर्मा के अनुसार इंटर में हिंदी व सामान्य हिंदी दो पेपर होते हैं। पेपर 100 अंक का होता है। परीक्षा 30 प्रतिशत कम पाठ्यक्रम में से ही होगी। दोनों प्रश्नपत्र में गद्य, कथा काव्य और व्याकरण में कोर्स कम किया है। पेपर एनसीईआरटी आधारित होगा। बताया कि खंड व काव्य के इतिहास से संबंधित अतिलघु उत्तरीय प्रश्न होंगे। विद्यार्थी गद्य व काव्य के पाठ के लेखकों के नाम अच्छी तरह दोहराएं। क्योंकि अवतरणों में से ही लघु उत्तरीय व अति लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे जाते हैं। दीर्घ प्रश्न नाटक, कथा व खंड काव्य से आएंगे। प्रश्नों का उत्तर 80 शब्दों में ही देना है। सारगर्भित भाषा लिखें।
पत्र लेखन में विषय वस्तु का सही चयन जरूरी
डॉ. निर्मला शर्मा के अनुसार इंटर सामान्य हिंदी के पेपर में पत्र लेखन आता है। टू दी प्वाइंट लिखने पर पूरे नंबर मिलते हैं। पत्र लेखन में प्रारंभ, अंत व विषय वस्तु के अंक अलग-अलग होते हैं। प्रश्न को समझकर विषय वस्तु का चयन करें। प्रश्न का जितना जवाब, जो जवाब मांगा गया हो उतना ही लिखें। अनावश्यक समय बर्बाद नहीं करें।
ये है परीक्षा के लिए जरूरी
- लेखक व कवियों की जीवनी भाषा, शैली व रचना सहित याद करें।
- व्याकरण के सूत्रों व नियमों को समझें, रटे नहीं।
- वर्तनी व सुलेख का ध्यान रखें।
- निबंध के शीर्षक को अच्छी तरह समझें, विषय वस्तु समझकर उत्तर लिखें।
- पेपर की तैयारी सवालों के लिए आवंटित अंकों में के अनुसार करें।
- व्याकरण सूत्रों को रोजाना दोहराएं।
- हिंदी विषय पढ़ाई की तारतम्यता परीक्षा तक बनाए रखें
- हिंदी का पेपर में समय प्रबंधन जरूरी है।
- बोर्ड द्वारा जारी विषय के माॅडल पेपर देखें।
- प्रश्न का जवाब देने में शब्द सीमा का ध्यान रखें।