हाईकोर्ट के आदेश पर हुई पैमाइश
खादर की इस जमीन पर दोनों ही प्रदेशों के किसान अपना अपना हक जताते रहे हैं। जिसके चलते मामला हाईकोर्ट तक भी पहुंचा। अब हाईकोर्ट के निर्देश पर ही इस जमीन की संयुक्त टीम ने पैमाइश की थी।
हजारों बीघा जमीन पर कब्जा, हो रही अवैध वसूली
जिस जमीन को लेकर रार चल रही है, इस पर फिलहाल उत्तराखंड के किसानों का कब्जा है। बताया जा रहा है कि इस विवादित जमीन पर फसल बोने के लिए अवैध वसूली भी की जाती है। इस वसूली में उत्तराखंड के ही कुछ अधिकारियों के शामिल होने का आरोप बिजनौर के किसान लगा रहे हैं।
पहले भी हो चुकी रार और फायरिंग
इस जमीन पर पहले भी पैमाइश के लिए टीम पहुंची थी, उस वक्त कुछ किसान असलहा के साथ पहुंचे थे, जिन्होंने फायरिंग कर दी थी। बिजनौर के अफसरों को पीएसी भी ले जानी पड़ी थी। उधर, दोनों ही प्रदेशों के अधिकारियों के बीच इस जमीन को लेकर पहले भी तनातनी हो चुकी है।
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संयुक्त टीम ने सर्वे किया। जो नक्शे में जमीन थी, वह पूरी होने के बाद करीब दो सौ मीटर जमीन बच गई। हमने उत्तराखंड की टीम को इस जमीन के लिए शासन से मार्ग दर्शन लेने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माने। हम उच्चाधिकारियों को सर्वे रिपोर्ट सौंपेंगे।
- मोहित कुमार, एसडीएम सदर
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बिजनौर टीम और हमारी टीम ने सर्वे किया था। यह बात सही है कि दो सौ मीटर जमीन बची है, लेकिन हमने बिजनौर की टीम से दोबारा किसी दूसरे सिहद्दे से सर्वे कराने को कहा है। ताकि सही स्थिति पता चल जाए। दूसरी तिथि निर्धारित होकर दोबारा सर्वे हो जाएगा। जो भी सामने आएगा, हमें मान्य होगा।
- गोपालराम बिनवाल, एसडीएम लक्सर