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सड़कों को खून से रंग रही बेलगाम रफ्तार

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सड़कों को खून से रंग रही बेलगाम रफ्तार
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बिजनौर। सड़क हादसों में मौत का ग्राफ साल दर साल बढ़ रहा है। चकाचक सड़कों पर बेलगाम रफ्तार और नियमों की अनदेखी हादसों की वजह बन रही है। हालांकि नींद की झपकी आने से भी जिले में कई बड़े हादसे हो चुके हैं। मौत के खौफ के बाद भी लोग सुधरने को तैयार नहीं है और यातायात के नियमों की अनदेखी करते हैं। ऐसे लोगों से 64 लाख का जुर्माना सिर्फ सात महीनों में वसूला जा चुका है और 20 हजार वाहनों के चालान किए गए।
जिले में बड़े हादसों पर एक नजर
केस नंबर एक:
नजीबाबाद के मंडावली क्षेत्र में 31 जुलाई को तड़के चार बजे हरिद्वार काशीपुर नेशनल हाईवे पर रोडवेज बस और ईको वैन में टक्कर हुई। जिसमें फर्रूखाबाद के कस्बा राजेपुर के रहने वाले चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। हादसे में तीन घायल हुए थे। यह हादसा तेज रफ्तार में नींद की झपकी की वजह से हुआ।
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केस नंबर दो:
छह अगस्त को चांदपुर थाना क्षेत्र में गांव सैंदवार के पास तेज रफ्तार कार पेड़ से टकरा गई थी। जिसमें अमरोहा के रहने वाले तीन लोगों की मौत हुई। जबकि दो लोग गंभीर रुप से घायल हुए थे। तेज रफ्तार में चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया था और सड़क से हटकर कार पेड़ से जा टकराई थी।
केस नंबर तीन
नौ अगस्त को शहर कोतवाली में काली मंदिर के पास मिल्क वैन और आल्टो कार की टक्कर हुई। जिसमें दो कार सवारों की मौत हुई जबकि एक घायल हुआ। मिल्क वैन तेज गति में होने की वजह से यह हादसा हुआ। वहीं चौराहे पर रुको देखो और जाओ, नियम का चालकों ने पालन नहीं किया था।
केस नंबर चार
नजीबाबाद के पास श्रवणपुर नहर पर दो साल पहले 11 अक्तूबर 2020 को रुड़की तहसीलदार की गाड़ी नजीबाबाद के पास नहर में गिर गई थी। नैनीताल से लौटते हुए इनकी गाड़ी पुल की रेलिंग को तोड़ते हुए नहर में समा गई थी। जिसमें रुड़की की तहसीलदार, अर्दली और ड्राइवर की मौत हो गई थी। वहीं पूर्वी गंगा नहर में ही सितंबर 2020 में देहरादून निवासी एक परिवार की कार गिर गई थी, जिसमें दो महिलाओं की मौत हुई थी।
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यातायात नियमों के प्रति लगातार जागरूक किया जाता है, फिर भी नियमों का पालन नहीं करने पर जनवरी से लेकर अब तक 20493 वाहनों के चालान किए गए हैं। जिनसे 64 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। पुलिस का लगातार प्रयास रहता है कि शत प्रतिशत लोग नियमों का पालन करें, हेलमेट लगाए, कार में सीट बेल्ट लगाकर चलें। जिससे हादसों में जान जाने का खतरा नहीं रहता।
-डॉ. प्रवीन रंजन सिंह, एएसपी सिटी
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