बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश नगीना मनमोहन सिंह ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी पाते हुए महबूब एवं शाकिर को 10-10 वर्ष के कारावास और 41 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता पंकज कुमार चौहान के अनुसार थाना कोतवाली देहात में रईसा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 26 जुलाई 2019 को उसका लड़का नवाजिश अपनी मोटरसाइकिल पर बकैन की टहनी लेकर आ रहा था। गली में खड़े महबूब निवासी गनोरा को टहनी छू गई। इस बात पर नवाजिश और महबूब में कहासुनी हो गई। इस पर पुलिस आ गई तो महबूब ने माफी मांगते हुए फैसला कर लिया।
लेकिन 27 जुलाई को शाम करीब साढ़े चार बजे नवाजिश जैसे ही घर से निकला, तो गली में खड़े महबूब, सादिक, शाकिर ने उसे घेर लिया और डंडो से मारना-पीटना शुरू कर दिया। जिससे उसके सिर, पेट व गुप्तांगों में चोट आई। नवाजिश को बचाने उसकी बहन रोशन और पत्नी समरजहां आई तो उनसे भी मारपीट की गई। जिससे उनके भी चोटें आईं। घायल नवाजिश को जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
इस मामले में सादिक उर्फ गुलजार के नाबालिग होने के कारण उसकी चार्जशीट किशोर न्यायालय को भेजी गई। अदालत ने महबूब व शाकिर को गैर इरादतन हत्या व मारपीट का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।