धामपुर/हरेवली। धामपुर के ग्राम भज्जावाला में गुलदार ने एक बछिया का शिकार किया। जबकि हरेवली में दो मादा गुलदारों को चार शावकों के साथ देख किसानों ने जंगल से भाग कर जान बचाई। ग्रामीणों का कहना है कि लोगों में दहशत है।
गांव भज्जावाला के प्रधान अनुकूल रघुवंशी ने बताया कि शुक्रवार रात गांव के जूनियर हाईस्कूल के पास खाली पड़ी जगह में गांव के नफीस के पशु बंधे थे। देर रात गुलदार ने नफीस की बछिया को शिकार बना लिया। पशुओं के रंभाना सुनकर बचाने के लिए लोग दौड़े तो गुलदार जंगल की तरफ भाग गया। बताया गया कि पिछले कई दिन से गांव के आसपास गुलदार देखा जा रहा है।
हरेवली के गांव शहजादपुर के किसानों का कहना है कि शनिवार को जब वह जंगल में काम कर रहे थे तो उन्हें गन्ने के बीच खेत से गुलदारों के दहाड़ने की आवाज सुनाई दी। किसानों ने देखा कि तो दो मादा गुलदार चार शावकों के साथ खेत में उछलकूद कर रहे हैं। जैसे उन्होंने गुलदारों को देखा तो वह जान बचा गांव की ओर से भागे। वन विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। पर किसी भी अधिकारी ने गांव में आकर ग्रामीणों की सुध नहीं ली। गौरतलब है कि इस गांव में 15 दिन पहले तीन लोगों को गुलदार ने हमला कर जख्मी कर दिया था। आक्रोशित ग्रामीणों ने गुलदार को जंगल में घेर कर लाठी-डंडों से पीटकर उसे मौत के घाट उतार दिया था। इतने पर भी वन विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा ।
- विभाग को अभी किसी और बड़ी घटना का इंतजार है : ग्रामीण
शहजादपुर के गौतम, नितिन कुमार, सरोज देवी, लकी देवी, वीरेंद्र सिंह, जसपाल सिंह आदि का कहना है कि विभाग के अधिकारियों को किसी बड़ी घटना का इंतजार है। विभाग द्वारा गुलदारों को पकड़ने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। गुलदार के आतंक से लोगों का खेतीबाड़ी का काम प्रभावित हो गया है। इस बार गन्ने के खेतों में एक बार भी निराई-गुड़ाई नहीं हुई। ग्रामीण आत्मरक्षा में गुलदार को मार देते हैं तो वन विभाग ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट कायम दर्ज करा देते हैं। सामाजिक वानिकी के वन दरोगा सुनील राजौर ने बताया कि ऐसा मामला संज्ञान में नहीं है।