बिजनौर। देश के लिए अपने प्राण देने वाले सैनिकों को सेना दिवस पर याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। जनपद बिजनौर के भी कई सैनिकों ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।
सन 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान ग्राम फीना के अशोक कुमार ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। सेना में नायक के पद पर तैनात रहे अशोक कुमार की नियुक्ति थल सेना के गोरखा रेजीमेंट बटालियन 4 में थी। कारगिल में ऑपरेशन विजय के दौरान अशोक कुमार युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए थे। ग्राम फीना में फीना- चांदपुर मार्ग पर बेल वाला चौक के निकट इनकी प्रतिमा स्थापित की गई है। नायक अशोक कुमार के सम्मान में फीना के प्राथमिक विद्यालय का नामकरण इनके नाम पर किया गया है। चांदपुर से फीना मार्ग का नामकरण भी अशोक कुमार के नाम पर किया गया है।
किरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सिसौना निवासी भूदेव सिंह 4 जुलाई 2005 को आतंकवादियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। ग्राम सिसौना में भूदेव सिंह की प्रतिमा स्थापित की गई है। भूदेव सिंह भारतीय सेना की 5 जाट रेजीमेंट में सैनिक थे। 4 जुलाई 2005 को जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में तैनाती के दौरान ऑपरेशन रक्षक में भूदेव सिंह ने अपना सर्वोच्च बलिदान देश के लिए किया था।
पूरे नहीं किए वायदे
कारगिल युद्ध में शहीद हुए नायक अशोक कुमार के पुत्र नितिन सूद बताते हैं कि सरकार द्वारा किए गए वायदे पूरे नहीं किए गए हैं। उनके पिता के बलिदान के समय वे मात्र 2 वर्ष के थे। सरकार द्वारा पेट्रोल पंप देने तथा गैस एजेंसी देने का वायदा किया था लेकिन उन्हें अभी तक कुछ नहीं मिला। वे एक अदद सरकारी नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। शहीद अशोक कुमार की पुत्रवधू एवं नितिन सूद की पत्नी चांदनी सूद बताती हैं कि उनकी सास ओमवती देवी बीमार हुई थीं। उनका इलाज मुरादाबाद से कराया गया जिसमें काफी पैसा लगा। सरकार द्वारा थोड़ी सी पेंशन दी जा रही है। जनप्रतिनिधि लंबे-लंबे वायदे करते हैं लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला।
दिवंगत सैनिकों पर लिख रहे पुस्तक
ग्राम फीना निवासी इं हेमंत कुमार बिजनौर के सेवा काल में दिवंगत सैनिकों पर एक पुस्तक लिख रहे हैं। हेमंत कुमार बताते हैं कि पुस्तक हेतु डाटा संकलन का अधिकतर काम पूरा किया जा चुका है। हेमंत कुमार बताते हैं कि आजादी के बाद हुई आरंभिक लड़ाइयों में चकराजमल के महेंद्र पाल सिंह तथा मीरापुर के मंशा सिंह ने 1962 के भारत-चीन युद्ध में वीरगति प्राप्त की थी। 1965 में भारत-पाक युद्ध में कादराबाद के संतन सिंह, मीरापुर नार्थ के गब्बर सिंह तथा खत्रियान बिजनौर के मेहरबान सिंह ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इनके अतिरिक्त भी बिजनौर के सैनिकों ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए हैं।
किरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सिसौना के शहीद भूदेव सिंह सिंह की प्रतिमा।
किरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सिसौना के शहीद भूदेव सिंह सिंह की प्रतिमा।